ईरान और अमेरिका के बीच तीन हफ्ते पुराना युद्धविराम एक बार फिर खतरे में है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को 28 फरवरी को हुए अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद गुरुवार को मशहद के इमाम रजा मंदिर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हजारों की संख्या में काले कपड़े पहने लोग झंडे और तस्वीरें लेकर सड़कों पर उतरे।
इसी दिन ईरानी सेना ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत में पैट्रियट सिस्टम, कतर में एक अर्ली-वॉर्निंग साइट और बहरीन में अमेरिकी सेना के फ्यूल डिपो को निशाना बनाने का दावा किया। कुवैत ने कहा कि उसने अपनी हवाई सीमा में 1 क्रूज मिसाइल, 3 बैलिस्टिक मिसाइल और 10 ड्रोन को मार गिराया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ। जॉर्डन में भी सायरन बजे और 8 मिसाइलों को रोका गया।
अमेरिका ने जवाब में बुधवार को ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें एयर डिफेंस और मिसाइल स्टोरेज शामिल थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “अगर दोबारा ऐसा हुआ तो और बुरा होगा”, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि यह फुल-फ्लेज्ड युद्ध में नहीं बदलेगा।
इस टकराव का असर तेल बाजार पर भी पड़ा। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या युद्ध से पहले के स्तर के 50% तक ही पहुंची है। ईरान ने कहा कि अब सिर्फ उन्हीं जहाजों को इजाजत मिलेगी जो तेहरान द्वारा तय रास्तों से गुजरेंगे। IEA ने चेतावनी दी कि US-ईरान की नई झड़प 2027 में तेल की आपूर्ति के अनुमान को बिगाड़ सकती है। खाड़ी देशों के शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
रूस-यूक्रेन: पुतिन ने शांति वार्ता ठुकराई, हमले तेज
यूक्रेन युद्ध अपने पांचवें साल में है और शांति की उम्मीदें कम होती दिख रही हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन के करीबी सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कीव से बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि आने वाले महीनों में युद्ध और तेज होने की “उच्च संभावना” है।
पुतिन का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र के बाकी हिस्से पर कब्जा करना है। उन्होंने एक सलाहकार समूह को फटकार भी लगाई, जिन्होंने मौजूदा फ्रंटलाइन पर युद्धविराम का सुझाव दिया था। रूसी सेना ने पिछले हफ्ते कीव समेत यूक्रेन पर दो बड़े ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसमें दर्जनों नागरिक मारे गए।
10 जुलाई को नई जानकारी सामने आई कि रूस अब फाइबर-ऑप्टिक केबल वाले छोटे FPV ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। ये ड्रोन यूक्रेन के इलेक्ट्रॉनिक जैमर को बायपास कर देते हैं और सुमी क्षेत्र में 330 kV के बिजली सबस्टेशन को निशाना बना रहे हैं। एक ऑटोट्रांसफॉर्मर की कीमत करीब 3.5 मिलियन डॉलर होती है और इसके नष्ट होने से पूरा यूनिट ठप हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का मकसद यूक्रेनी क्षेत्रों को नेशनल ग्रिड से अलग कर ब्लैकआउट करना है।
बांग्लादेश: शेख हसीना दिसंबर में लौटने की तैयारी में
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में निर्वासन के बाद दिसंबर के आसपास वरिष्ठ पार्टी सहयोगियों के साथ बांग्लादेश लौटने की योजना बनाई है। उन पर मौत की सजा का सामना है, लेकिन उनका मानना है कि वह कोर्ट की कार्यवाही को “नाटक” साबित करना चाहती हैं।
हसीना ने कहा कि उन्होंने किसी विदेशी सरकार से सलाह नहीं ली है और जेल जाने से डरती नहीं हैं। उनकी अवामी लीग पार्टी के कार्यकर्ताओं पर सरकार गिरने के बाद से दमन बढ़ गया है। उनके लौटने से बांग्लादेश की राजनीति में तनाव बढ़ सकता है, लेकिन भारत के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीद भी है।
यूरोप: स्पेन में भीषण जंगल की आग, 11 की मौत
दक्षिणी स्पेन के अल्मेरिया में तेज हवाओं और सूखे की वजह से लगी आग देश की सबसे घातक जंगल की आगों में से एक बन गई है। अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 19 लापता हैं।
ज्यादातर पीड़ित विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, जिन्होंने “शेल्टर इन प्लेस” के निर्देशों को नजरअंदाज किया। 4 लोग गंभीर झुलसने के साथ अस्पताल में हैं। आग लगने का कारण एक ढीला पावर केबल बताया जा रहा है। स्पेन सरकार ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। यूरोप में बढ़ती गर्मी की वजह से जंगल की आग का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
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दक्षिण चीन सागर में 2016 में अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल का फैसला जीतने के 10 साल बाद भी फिलीपींस के मछुआरे स्कारबोरो शोल जाने से डर रहे हैं। चीन के जहाज उन्हें खदेड़ रहे हैं।
चीन ने दक्षिण प्रशांत में पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। यह परीक्षण गुआम और हवाई को निशाना बनाने की क्षमता दिखाता है।
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