पहाड़ों पर बारिश के बाद अब हालात बिगड़ने लगे हैं। उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक के साथ ही कई क्षेत्रों से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की खबरें सामने आई हैं, जहां पहाड़ों से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर केदारनाथ यात्रा पर भी देखने को मिला है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
CCTV से लाइव निगरानी
रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई खतरनाक इलाके चिन्हित किए गए हैं, जहां प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CCTV सेंटर्स के माध्यम से यात्रियों की आवाजाही की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
अधिकारी ने कहा, “मेरी अपील है, किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। साथ ही, किसी भी प्राकृतिक आपदा, रास्ते में रुकावट, नुकसान या आपातकालीन स्थिति की जानकारी तुरंत दी जानी चाहिए।”
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे खतरनाक इलाकों में सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
चार दिन का भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 5 से 8 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
5 जुलाई को कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
सभी एजेंसियों को अलर्ट
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों के साथ-साथ पुलिस, SDRF, NH, PWD और BRO को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
ट्रेकिंग गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और जरूरत पड़ने पर अनुमति रोकने को भी कहा गया है। अधिकारियों के मोबाइल हर समय चालू रखना और किसी भी आपदा की सूचना तत्काल राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (SEOC) को देना अनिवार्य किया गया है।
भूस्खलन से मार्ग बाधित
सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटरमार्ग पर मुनकटिया के पास हुए भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण गुरुवार को पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरे, जिससे यात्रा मार्ग बाधित हुआ था।
हालांकि, राहत और बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई कर मार्ग को बहाल कर दिया। फिर भी, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार
मौसम भले ही खराब हुआ हो, कुछ वक्त के लिए यात्रा रोकनी पड़ रही हो लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
केदारधाम के लिए भक्तों का उत्साह बना हुआ है। वे बाबा के दर्शन के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।