केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर चर्चा में आ गईं। पुलिस जांच के लिए घर से बाहर निकलते समय उसने मीडिया कैमरों की ओर मिडिल फिंगर दिखाया, जिसका वीडियो वायरल हो गया।
गुरुवार को जब पुलिस सिया गोयल को उसके घर से बाहर लेकर निकली, तब मीडिया के कैमरे पहले से मौजूद थे। इसी दौरान सिया ने कैमरों की ओर मीडिल फिंगर दिखाकर इशारा किया।
जांच में तीसरे युवक की एंट्री
इसी बीच जांच में एक तीसरे युवक की एंट्री हुई है। पुलिस के अनुसार, वह घटना की जानकारी रखने वाला अहम गवाह हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान एक ऐसे युवक का नाम सामने आया है, जो चेतन चौधरी का क्लासमेट बताया जा रहा है। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है और फिलहाल पुणे में काम करता है।
योजना बताई गई थी, लेकिन साथ नहीं गया
सूत्रों का दावा है कि चेतन और सिया ने इस युवक से केतन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बताई थी। उसे 18 जून को लोहागढ़ किले पर चलने के लिए भी कहा गया था, लेकिन वह उनके साथ नहीं गया।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि युवक ने दोनों को योजना पर आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी थी।
चेतन पहले मिला था इस युवक से
सूत्रों का यह भी कहना है कि केतन की मौत के बाद चेतन सबसे पहले इसी युवक से मिला था। वहीं सिया ने भी उससे संपर्क किया था।
पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
पुलिस ने रिहर्सल वाले स्थान की पहचान की
पुणे ग्रामीण पुलिस गुरुवार सुबह सिया गोयल को उस स्थान पर लेकर गई, जहां पुलिस के अनुसार उसने और चेतन ने कथित तौर पर पहले से अभ्यास किया था कि लोहागढ़ किले पर किसी व्यक्ति को चट्टान से कैसे धक्का दिया जा सकता है।
यह स्थान पुणे के लुल्लानगर इलाके में एक क्लब के पास स्थित है। जांच के दौरान सिया ने उस जगह की पहचान की।
पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग
पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है।
पुलिस का कहना है कि अदालत की प्रक्रिया पूरी होने और आरोपियों की सहमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
कपड़े भी बरामद
पुलिस ने सिया के पुणे स्थित घर की तलाशी के दौरान वे कपड़े भी बरामद किए हैं, जिन्हें पुलिस के अनुसार उसने 18 जून को पहना था।
इन कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उपलब्ध अन्य सबूतों से उनका मिलान किया जा सके।
डिजिटल सबूतों की जांच
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में बड़ी मात्रा में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। इनमें मोबाइल फोन का डेटा, लोकेशन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं।
इन सभी की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा सके।