लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टानों से गिरकर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं लगती।
पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और 18 जून को उसे चट्टान से धक्का दे दिया।
क्यों चुना गया लोहागढ़ किला?
इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने लोहागढ़ किले के जियोग्राफी, ऊंचाई और आसपास के इलाके को देखा-समझा। जांच में पाया गया कि यह किला आसपास के एरिया से लगभग 600 फीट ऊंचा है।
यहां खड़ी चट्टानें, गहरी खाइयां और ऐसे कई हिस्से हैं जो मेन टूरिस्ट पॉइंट से दूर और बेहद सुनसान रहते हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या लोहागढ़ को जानबूझकर एक क्राइम स्पॉट के रूप में चुना गया था।
फरवरी में सगाई, मई में पहली ट्रिप
केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी। परिवारों की सहमति से दोनों की शादी कुछ महीनों बाद होने वाली थी। 31 मई को दोनों पहली बार साथ में लोहागढ़ किले घूमने गए।
इसके बाद 5 जून को फिर से वहां जाने की चर्चा हुई, लेकिन यह योजना पूरी नहीं हो सकी। केतन के पिता के मुताबिक परिवार को यह बात जरूर अजीब लग रही थी कि दोनों बार-बार उसी किले पर जाना चाहते हैं।
बाली ट्रिप भी नहीं हो सकी
6 जून को चार लोगों का एक बाली ट्रिप का प्लान बना था। लेकिन एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट कथित रूप से चोरी हो गया, जिसके कारण पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी।
इस घटना के बाद 14 जून को केतन और सिया एक बार फिर लोहागढ़ पहुंचे। परिवार ने इसकी परमिशन इसलिए दे दी क्योंकि बाली ट्रिप कैंसिल हो गई थी और पहले की एक प्लानिंग भी अधूरी रह गई थी।
14 जून को हुई थी पहली कोशिश?
पुलिस 14 जून की यात्रा को हत्या की पहली कोशिश के तौर पर देख रही है। इसी दिन सिया ने कथित रूप से केतन को एक चट्टान से धक्का दिया था, लेकिन वह बच गया क्योंकि नीचे गिरते समय एक पेड़ की शाखा ने उसकी जान बचा ली।
पुलिस का दावा है कि इस घटना के बाद सिया ने केतन को बताया कि उसने चट्टान के किनारे एक सांप देख लिया था और घबराहट में उसे बचाने के लिए उसने धक्का दिया था। केतन ने इस बात पर विश्वास कर लिया।
18 जून को हुई मौत
पुलिस के अनुसार 18 जून को सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले की एक चट्टान से नीचे धक्का दिया। शुरुआत में मामला हादसा जैसा लगा क्योंकि सिया ने अधिकारियों को बताया था कि केतन का पैर फिसल गया।
हालांकि पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक जांच के दौरान कई बातें संदिग्ध लगीं। केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और उसके अचानक फिसलकर गिरने की संभावना कम मानी गई।
सीसीटीवी से खुली साजिश की परत
जांच के दौरान पुलिस ने लोहागढ़ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में केतन और सिया साथ चलते दिखाई दिए। उनके पीछे एक तीसरा व्यक्ति भी नजर आया, जिसने हूडी पहन रखी थी और उसका चेहरा काफी हद तक ढका हुआ था।
फुटेज में एक जगह सिया पीछे मुड़कर देखती हुई भी दिखाई देती है, जबकि वह व्यक्ति अचानक बैठ जाता है। उस दिन तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था, ऐसे में गर्मी के बावजूद किसी का हूडी पहनना पुलिस को संदिग्ध लगा।
गेटकीपर ने भी दी गवाही
इंडिया टुडे ने लोहागढ़ किले के गेटकीपर धीरज जाधव से भी बात की। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को देखा था, जो बाद में चेतन चौधरी निकला।
वह मास्क और पूरे शरीर को ढकने वाले स्पोर्ट्स कपड़ों में था। जब उन्होंने उससे 25 रुपये का प्रवेश टिकट खरीदने को कहा तो उसने खुद को व्यायाम करने आया व्यक्ति बताया और टिकट लेने से इनकार करते हुए किले की ओर बढ़ गया।
जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाया गया
केतन के पिता का कहना है कि 18 जून की यात्रा सिया के 19 जून को होने वाले जन्मदिन के जश्न से जुड़ी थी। सिया ने केतन की मां को फोन कर उसे दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाने जाने की अनुमति मांगी थी।
परिवार पहले उसका जन्मदिन महाबलेश्वर मंदिर में मनाने की योजना बना रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने केतन को जाने की इजाजत दे दी। उन्हें नहीं पता था कि यह उनकी बेटे से आखिरी मुलाकात होगी।
सिया का इंस्टाग्राम पोस्ट
केतन की मौत के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट भी लिखी थी, जिसमें कहा गया था, ‘तुम मेरे जन्मदिन पर मुझे छोड़कर चले गए। हम शादी के इतने करीब थे।’
लेकिन बाद में सामने आए पुलिस के आरोपों ने इस पोस्ट और पूरे मामले को एक अलग ही संदर्भ दे दिया।
पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी
पुणे की एक अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है।
पिता का दर्द
केतन के पिता विशाल अग्रवाल अब भी एक ही सवाल पूछ रहे हैं- ‘अगर वह उससे शादी नहीं करना चाहती थी, तो मना कर देती। हम तुरंत शादी कैंसिल कर देते। आखिर उसे मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?’