लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद थरूर ने बातचीत का जिक्र किया, रिजिजू ने माना कि उन्हें महिला विरोधी नहीं कहा जा सकता, थरूर ने महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की वकालत की, लेकिन आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने पर जताई चिंता
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (adjourned) होने के बाद शनिवार को तिरुवनंतपुरम से सांसद और कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने संसदीय कार्य मंत्री (Parliamentary Affairs Minister) किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) के साथ हुई बातचीत (conversation) का जिक्र किया।
थरूर ने क्या कहा (What did Tharoor say)?
थरूर ने कहा कि रिजिजू ने भी माना कि उन्हें कोई महिला विरोधी (anti-women) नहीं कह सकता। थरूर ने ‘एक्स’ (X) पर एक तस्वीर (photo) साझा की, जिसमें विपक्षी सांसद (opposition MP) लोकसभा के भीतर रिजिजू के साथ नजर आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जब रिजिजू ने विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ कहने की वजह समझाई, तब उनसे कहा गया कि यह आरोप उन पर लागू नहीं होता, जिसे मंत्री ने स्वीकार किया (accepted) ।
महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर थरूर की राय (Tharoor’s view on women’s representation)
थरूर ने इस मौके पर महिलाओं की भागीदारी (women’s participation) को लेकर अपना पक्ष भी दोहराया:
- महिलाएं समाज का आधा हिस्सा (half of society) हैं।
- उन्हें संसद (Parliament) सहित हर संस्था में पर्याप्त प्रतिनिधित्व (adequate representation) मिलना चाहिए।
- हालांकि, महिला आरक्षण (women’s reservation) को परिसीमन (delimitation) से जोड़ना खतरनाक (dangerous) हो सकता है और लोकतंत्र (democracy) को नुकसान पहुंचा सकता है।
विधेयक गिरने के बाद सियासी घमासान (Political uproar after bill failed)
यह बयान ऐसे समय आया है, जब संविधान (131वां संशोधन) विधेयक (Constitution 131st Amendment Bill) लोकसभा (Lok Sabha) में पारित नहीं हो सका (could not be passed) ।
| विधेयक में प्रस्ताव (Proposal in the Bill) | विवरण (Details) |
|---|---|
| महिला आरक्षण (Women’s Reservation) | 2029 से संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत (33%) महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव |
| परिसीमन (Delimitation) | 2011 की जनगणना (census) के आधार पर लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 816 (816 seats) करने का प्रावधान |
शुक्रवार को हुए मतदान (Voting on Friday):
- पक्ष में (In favor): 298 सांसद (298 MPs)
- विरोध में (Against): 230 सांसद (230 MPs)
- आवश्यक बहुमत (Required majority): 352 सांसद (352 MPs) (दो-तिहाई बहुमत)
- परिणाम (Result): विधेयक गिर गया (failed)
कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने (Congress and BJP face to face)
विधेयक के गिरने के बाद दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रही हैं:
| कांग्रेस (Congress) | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
|---|---|
| विधेयक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) की उस कोशिश की हार (defeat) बताया, जिसमें महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा गया था। | इसे ‘काला दिन’ (black day) बताया। |
| इसे संविधान (Constitution) और लोकतांत्रिक मूल्यों (democratic values) की जीत (victory) करार दिया। | किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि जिन दलों ने इस विधेयक को रोका है, उन्हें देश की महिलाओं के गुस्से (anger) का सामना करना पड़ेगा। |