ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही शुरू हुआ विवाद, अमेरिका बोला- लेबनान सीजफायर का हिस्सा नहीं था, पाकिस्तान ने दावे को झूठ करार दिया
पाकिस्तान (Pakistan) में ईरान जंग (Iran war) पर बातचीत शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले ही तकरार (controversy) शुरू हो गई है। अमेरिका-ईरान सीजफायर (US-Iran ceasefire) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
- इजरायल (Israel) लेबनान (Lebanon) में ताबड़तोड़ हमले (heavy attacks) कर रहा है।
- लेबनान मामले को सीजफायर (ceasefire) से अलग बता रहा है।
- ईरान (Iran) इसे नहीं मान रहा और अमेरिका से मांग कर दी है कि लेबनान में इजरायली हमले नहीं रुके (Israeli attacks don’t stop in Lebanon) तो वह सीजफायर से पीछे हट जाएगा।
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति (US Vice President) जेडी वेंस (JD Vance) ने बुधवार को हंगरी के बुडापेस्ट (Budapest, Hungary) में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि यह एक तथ्यात्मक गलतफहमी (legitimate misunderstanding) की वजह से आया है। ईरानियों ने सोचा कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है, लेकिन ऐसा नहीं था (that was not the case) । हमने कभी ऐसा वादा नहीं किया। हमने कभी यह संकेत भी नहीं दिया कि ऐसा होगा।”
वेंस ने यह भी कहा कि सीजफायर मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के सहयोगियों (US allies) – इजरायल तथा खाड़ी के अरब देशों (Gulf Arab countries) पर केंद्रित है।
पाकिस्तान ने क्या कहा?
अमेरिकी न्यूज एजेंसी सीएनएन (CNN) से बात करते हुए अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत (Pakistani ambassador to US) रिजवान सईद शेख (Rizwan Saeed Sheikh) ने अमेरिकी दावे को झूठ (false) करार दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते (ceasefire agreement) में लेबनान वाली बात शामिल थी (Lebanon was included) ।
इससे पहले कल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) भी बोल चुके हैं कि लेबनान में शांति (peace in Lebanon) भी सीजफायर का हिस्सा है।
इजरायल का रुख
लेबनान में हमले जारी रखते हुए इजरायल (Israel) ने कहा कि वह सीजफायर सिर्फ ईरान (ceasefire only with Iran) को लेकर हुआ है। हालांकि, इजरायली नेतृत्व (Israeli leadership) ने लेबनान में थोड़ी संयम बरतने (some restraint) की पेशकश की है, लेकिन यह सीजफायर का हिस्सा नहीं है, बल्कि बातचीत (negotiations) को सफल बनाने के लिए है।
अमेरिका की धमकी जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) ने कहा कि सीजफायर असल में लागू होने तक (until it is actually implemented) हमारी सेनाएं (our forces) ईरान के आसपास तैनात रहेंगी।