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Strait of Hormuz: ईरान की टोल मांग कितनी जायज? कानून क्या कहता है, स्वेज नहर पर क्यों वैध?

By TEAM SMW NEWS Last updated: 01/04/2026 5 Min Read
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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर टोल वसूलने का किया ऐलान, अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है? जानें UNCLOS के नियम, ट्रांजिट पैसेज और इनोसेंट पैसेज का अंतर, दुनिया में कहां-कहां लगता है टोल

Contents
ईरान का तर्क क्या है?UN का कानून क्या कहता है?ट्रांजिट पैसेज और इनोसेंट पैसेज में अंतरअंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की रायदुनिया में कहां-कहां लगता है टोल?समुद्र में टोल वसूली के प्रमुख उदाहरण:

ईरान (Iran) ने खुद को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का गेटकीपर (gatekeeper) घोषित कर दिया है। अब यहां से तेल लेकर गुजरने वाले जहाजों को एक अच्छी खासी रकम ईरान की सरकार को चुकानी पड़ेगी। जंग के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंदकर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अपने मालिकाना हक का ऐलान कर दिया।

लेकिन क्या समुद्री मार्ग जैसे प्रकृति द्वारा दी हुई नेमतों पर ईरान का टैक्स लगाना उचित है? इस बारे में अंतरराष्ट्रीय कानून (international law) क्या कहता है? आइए समझते हैं।

ईरान का तर्क क्या है?

ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके क्षेत्रीय जल और संप्रभु क्षेत्र (territorial waters and sovereign zone) में आता है। ईरान की संसद ने हाल ही में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मैनेजमेंट प्लान’ (Strait of Hormuz Management Plan) पास किया है, जिसमें टोल वसूलकर देश के लिए कमाई का स्रोत बनाने की बात कही गई है।

ईरान का तर्क है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को वह सुरक्षा (security) मुहैया कराता है, इसलिए उन्हें सुरक्षा शुल्क या ट्रांजिट शुल्क (transit fee) देना चाहिए। ईरान ने UN को पत्र लिखकर कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अंदर है।

UN का कानून क्या कहता है?

समुद्री परिवहन देखने वाली UN की संस्था UNCLOS (United Nations Convention on the Law of the Sea) के आर्टिकल 37-44 (Articles 37-44) के तहत यहां ट्रांजिट पैसेज (transit passage) का अधिकार है। यानी हर जहाज को बिना रोक-टोक, बिना अनुमति और बिना कोई टोल/फीस के लगातार गुजरने का अधिकार है। इस अधिकार को तटीय देश, जैसे ईरान और ओमान (Oman) बाधित नहीं कर सकते हैं।

ईरान ने 1982 में UNCLOS पर साइन (sign) किया था, लेकिन कभी इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया। वह कहता है कि वह UNCLOS के नियमों को पूरी तरह से नहीं मानता है और ‘इनोसेंट पैसेज’ (innocent passage) का नियम मानता है।

ट्रांजिट पैसेज और इनोसेंट पैसेज में अंतर

ट्रांजिट पैसेज (Transit Passage)इनोसेंट पैसेज (Innocent Passage)
अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट (international strait) पर लागू होता हैकिसी देश के क्षेत्रीय जल (territorial waters) में लागू होता है
जहाज़ और विमान बिना रुकावट लगातार और तेजी से गुजर सकते हैंजहाज शांतिपूर्ण तरीके से गुजर सकता है, लेकिन सैन्य गतिविधि नहीं कर सकता
तटीय देश जहाजों को रोक नहीं सकता और टोल नहीं लगा सकतातटीय देश नियंत्रण (control) रखता है
होर्मुज इसी कैटेगरी में आता हैईरान इसे लागू करना चाहता है

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की राय

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून विशेषज्ञ ईरान की दलील से सहमत नहीं हैं। वेस्टमिंस्टर लॉ स्कूल (Westminster Law School) के प्रोफेसर मार्को रोसिनी (Marco Rosini) ने कहा, “हालांकि ईरान ने UNCLOS को कभी मंज़ूरी नहीं दी है, फिर भी ‘ट्रांज़िट पैसेज सिस्टम’ (transit passage system) को आम तौर पर इंटरनेशनल कस्टमरी लॉ (international customary law) का हिस्सा माना जाता है। जलडमरूमध्य को पार करने के लिए फीस लेना किसी भी वैध कानूनी आधार के बिना किया जाने वाला कदम होगा।”

नॉर्थ कैरोलिना (North Carolina) की कैंपबेल यूनिवर्सिटी (Campbell University) के समुद्री इतिहासकार सैल मर्कोग्लियानो (Sal Mercogliano) ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय कानून में कहीं भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि कोई टोल बूथ (toll booth) बनाकर जहाज़ों से जबरदस्ती वसूली की जाए।”

गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी (Jassem Mohammed Al-Budaiwi) ने कहा कि यह आक्रामकता (aggression) है और समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र समझौते का उल्लंघन (violation) है।

दुनिया में कहां-कहां लगता है टोल?

UNCLOS के अनुसार मानव-निर्मित नहरों (man-made canals) और कुछ विशेष समझौतों वाले मार्गों पर शुल्क वसूला जाता है। यहीं पर स्ट्रेट (strait) और कैनाल (canal) का अंतर समझना जरूरी है:

  • नहरों (canals) पर टोल लेना वैध है, क्योंकि इसका निर्माण किसी देश ने किया, इस पर खर्च किया और इसे मैनेज करता है।
  • स्ट्रेट (strait) प्राकृतिक संरचना (natural structure) है, इसलिए इस पर किसी को टोल लेने का अधिकार नहीं है।

समुद्र में टोल वसूली के प्रमुख उदाहरण:

नहर/मार्गदेशटोल वैध क्यों?
स्वेज नहर (Suez Canal)मिस्र (Egypt)मानव-निर्मित नहर
पनामा नहर (Panama Canal)पनामा (Panama)मानव-निर्मित नहर
कील नहर (Kiel Canal)जर्मनी (Germany)मानव-निर्मित नहर
बोस्पोरस (Bosporus) और दार्दानेल्स (Dardanelles)तुर्की (Turkey)प्रशासनिक शुल्क, पूर्ण टोल नहीं
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