मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore) में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Metro Rail Project) के दूसरे चरण का काउंटडाउन शुरू हो गया है। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (Commissioner of Metro Rail Safety – CMRS) की टीम ने 17.5 किलोमीटर (17.5 km) लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर (priority corridor) का चार दिवसीय गहन निरीक्षण (inspection) पूरा कर लिया है।
CMRS ने किया इन पैमानों पर मूल्यांकन
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने 15 से 18 मार्च 2026 तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने स्टेशन मैनेजमेंट (station management), यात्रियों की सुविधाओं, गति (speed), ब्रेकिंग सिस्टम (braking system), सिग्नलिंग (signaling) और आपातकालीन स्थितियों (emergency situations) जैसे कई पैमानों पर प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया।
पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरा चरण
मेट्रो रेल प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6 किलोमीटर लंबे रूट पर कमर्शियल ऑपरेशन (commercial operation) 31 मई 2025 को शुरू किए गए थे। अब दूसरे चरण के लिए निरीक्षण पूरा हो चुका है।
MPMRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर एस कृष्णा चैतन्य (S Krishna Chaitanya) ने कहा, “CMRS से हरी झंडी (green signal) मिलने के बाद मेट्रो के दूसरे चरण के कमर्शियल ऑपरेशन जल्द ही शुरू हो सकते हैं।”
प्रोजेक्ट की लागत और देरी
मूल योजना के अनुसार, शहर में 31.32 किलोमीटर (31.32 km) लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर 7500.8 करोड़ रुपये (Rs 7500.8 crore) की लागत से बनाया जाना है। इसका निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और कमर्शियल इलाकों में आई बाधाओं के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई, और अब इसकी लागत बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षा मानकों पर हरी झंडी मिलते ही इंदौर की सड़कों पर मेट्रो की रफ्तार और दायरा दोनों बढ़ जाएंगे।