मध्य प्रदेश के बैतूल (Betul) जिले के एक गांव में एक मुस्लिम युवक ने अपनी निजी जमीन पर करीब 20 लाख रुपये (Rs 20 lakh) खर्च कर एक निजी स्कूल (private school) बनवाया था। लेकिन स्कूल शुरू होने से पहले ही इसे मदरसा (madrasa) बताकर अफवाह फैला दी गई, जिसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर (bulldozer) चलाकर स्कूल को गिरा दिया।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि यह स्कूल नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों के लिए बनाया गया था। इसे बनाने वाले शख्स ने अपनी जमीन पर यह निर्माण कराया था। हालांकि, अभी स्कूल शुरू भी नहीं हुआ था कि इस बात की अफवाह फैला दी गई कि यहां मदरसा (madrasa) चलाया जाएगा।
ग्रामीणों ने किया विरोध, प्रशासन नहीं माना
जैसे ही यह अफवाह फैली, प्रशासन हरकत में आ गया। ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों ने इसका विरोध किया और कहा कि अगर कोई अनियमितता है तो जुर्माना (penalty) लगाया जाए, लेकिन पूरी इमारत को न गिराया जाए। इसके बावजूद प्रशासन नहीं पसीजा और बुलडोजर चलाकर पूरे स्कूल भवन को ध्वस्त (demolished) कर दिया।
सवाल उठे कि आखिर ऐसा क्यों?
यह घटना जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) जैसी घटनाओं की याद दिलाती है और इसने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सिर्फ अफवाहों के आधार पर इस तरह की कार्रवाई उचित है। भले ही उस जगह पर मदरसा भी बनाया गया होता, तो भी बुलडोजर से ढहाना गलत था, क्योंकि मदरसे में भी पढ़ाई (education) ही होती है।