स्वच्छता में लगातार देश में नंबर वन (cleanest city) रहने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) में दूषित पानी (contaminated water) का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ हफ्ते पहले जहां दूषित पानी से 25 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं अब फिर से शहर के महू (Mhow) क्षेत्र में 22 लोगों के बीमार होने की खबर सामने आई है।
महू क्षेत्र में नए मामले
यह नया मामला गुरुवार रात को सामने आया। शहर के महू क्षेत्र के मुख्य रूप से पट्टी बाजार और चंदर मार्ग इलाकों (Patti Bazaar and Chander Marg areas) में लोगों को अचानक उल्टी-दस्त, पीलिया (vomiting, diarrhea, jaundice) जैसे लक्षण दिखाई दिए। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घर पर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज करा रहे हैं।
25 से अधिक हो सकती है बीमारों की संख्या
स्वास्थ्य विभाग (health department) का कहना है कि प्रभावित लोगों की संख्या 25 से ज्यादा हो सकती है, क्योंकि आसपास के इलाकों से भी कुछ मामले सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में दूषित पानी से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और कई लोगों की मौत हो चुकी है। उनका दावा है कि मौतों की संख्या कम से कम 25 (at least 25 deaths) हो गई है।
सवाल उठे कि आखिर ऐसा क्यों?
यह घटना एक बार फिर इस बात पर सवाल खड़े करती है कि जब शहर स्वच्छता में लगातार नंबर वन रहा है, तो पानी की गुणवत्ता (water quality) पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। क्या सिर्फ दिखावे पर ध्यान दिया गया? स्थानीय लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।