1. मध्य पूर्व: गाजा में युद्ध विराम वार्ता फिर फंसी, 2.2 मिलियन लोग संकट में
कतर की राजधानी दोहा में पिछले 10 दिन से चल रही इजरायल-हमास युद्ध विराम की बातचीत सोमवार रात अचानक रुक गई।
वार्ता क्यों टूटी:
– हमास का आरोप: इजरायल ने 60 दिन के अस्थायी युद्ध विराम के दौरान सेना वापस बुलाने की शर्त मानने से मना कर दिया
– इजरायल का पक्ष: हमास ने अभी तक 20 बंधकों की पूरी लिस्ट और उनकी हालत की जानकारी नहीं दी है
– बीच का मुद्दा: गाजा में मानवीय सहायता ट्रकों की संख्या को लेकर भी दोनों पक्ष सहमत नहीं हो पाए
गाजा की हालत:
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार गाजा में 2.2 मिलियन लोग रहते हैं। खाने, पानी और दवाओं की भारी कमी है। अस्पतालों में ईंधन खत्म हो रहा है। पिछले 24 घंटे में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
अमेरिका, मिस्र और कतर के मध्यस्थों ने कहा कि वो अगले 48 घंटे में बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश करेंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा “अगर इस हफ्ते समझौता नहीं हुआ तो हालात हाथ से निकल जाएंगे।”
इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक सभी बंधक वापस नहीं आते, सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं हमास ने कहा कि बिना स्थायी युद्ध विराम के कोई डील नहीं होगी।
2. यूरोप: हीटवेव का कहर, स्पेन-इटली-ग्रीस में रेड अलर्ट
यूरोप इस समय 20 साल की सबसे भीषण गर्मी झेल रहा है। मौसम विभाग ने स्पेन, इटली और ग्रीस में “रेड अलर्ट” जारी किया है।
कहां कितनी गर्मी:
– स्पेन: सेविला में तापमान 46°C पहुंच गया। दक्षिणी इलाकों में जंगल की आग लग गई। 5000 लोगों को घर खाली करने पड़े
– इटली: रोम में 44°C और मिलान में 42°C दर्ज किया गया। बिजली की मांग 15% बढ़ गई जिससे कई शहरों में 2 से 3 घंटे की कटौती हुई
– ग्रीस: एथेंस में 45°C है। सरकार ने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक निर्माण और डिलीवरी काम पर रोक लगा दी
सरकार के कदम:
1. स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए
2. बुजुर्गों के लिए AC वाले “कूलिंग सेंटर” खोले गए
3. अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इस गर्मी से यूरोप में हर साल 60,000 से ज्यादा मौतें होती हैं। इस बार संख्या और बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी हीटवेव अब हर 3 से 4 साल में आएगी।
3. अमेरिका: महंगाई के डर से शेयर बाजार गिरा, फेड की बैठक पर सबकी नजर
अमेरिका में जून महीने की महंगाई 3.1% रही, जो अनुमान से ज्यादा है। इसके बाद निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी।
बाजार का हाल:
– डाउ जोन्स: 250 अंक गिरकर 41,200 पर बंद
– नैस्डैक: 1.2% की गिरावट
– S&P 500:0.9% नीचे
तेल की कीमतें भी 4 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 88 डॉलर पर पहुंच गईं। कारण है लाल सागर में शिपिंग में रुकावट और मध्य पूर्व का तनाव।
सबकी नजर अब 23 जुलाई को होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक पर है। 70% अर्थशास्त्रियों का मानना है कि फेड ब्याज दर में 0.25% की कटौती करेगा ताकि विकास को बढ़ावा मिले। लेकिन महंगाई ज्यादा होने से फेड के सामने मुश्किल है।
4. अन्य अंतरराष्ट्रीय खबरें
– यूक्रेन-रूस: रूस ने काला सागर में 3 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया। यूक्रेन ने कहा कि उसने रूस के एक तेल डिपो पर हमला किया
– चीन: बीजिंग में बाढ़ से 12 लोगों की मौत। सरकार ने 1 अरब युआन की राहत राशि घोषित की
– ओलंपिक 2028: लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए पहला टेस्ट इवेंट हुआ। 15 देशों के 800 एथलीटों ने ट्रैक एंड फील्ड में हिस्सा लिया। आयोजकों ने सुरक्षा के लिए 10,000 नए AI कैमरे लगाने की घोषणा की
निष्कर्ष
21 जुलाई को दुनिया में शांति, मौसम और अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चे पर चुनौतियां रहीं। गाजा में युद्ध विराम की उम्मीद फिर टूटी, यूरोप गर्मी से जल रहा है और अमेरिका महंगाई से जूझ रहा है। अगले 2 दिन में फेड की बैठक और गाजा वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
– Laxmi Sharma