रूस-यूक्रेन – रूस-यूक्रेन युद्ध अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है। पिछले 2 हफ्तों में जंग का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब मैदान के बजाय ड्रोन, तेल और समुद्री रास्तों पर लड़ाई हो रही है।
1. युद्ध की ताजा स्थिति: “40 दिन का अभियान” और काला सागर में जंग
युद्ध अब “लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक” के दौर में पहुंच गया है। यूक्रेन ने “40 दिन का अभियान” शुरू किया है जिसमें 3 मोर्चे हैं
– काला सागर और आजोव सागर में ताबड़तोड़ हमले
यूक्रेन की ड्रोन फोर्स ने पिछले 9 दिन में 116 रूसी जहाजों को निशाना बनाया। इसमें 105 “शैडो फ्लीट” के टैंकर और कार्गो जहाज शामिल हैं जो प्रतिबंधों के बावजूद रूस के लिए तेल ले जा रहे थे। यूक्रेन का दावा है कि उसने अकेले आजोव सागर में 8 टैंकर डुबोए जो हर एक 50,000 टन ईंधन ले जा रहे थे।
– क्राइमिया को काटने की कोशिश: इन हमलों की वजह से केर्च स्ट्रेट और डॉन-अजोव कैनाल बंद हो गए हैं। क्राइमिया में ईंधन की भारी किल्लत है और वहां आपातकाल घोषित है। साल की शुरुआत में रूस के पास केर्च स्ट्रेट के लिए 7 फेरी थीं, अब सिर्फ 2 बची हैं और वो भी नहीं चल रहीं।
– रूस का जवाब: रूस ने भी ओडेसा के बंदरगाहों और जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। 13 जुलाई को चोर्नोमोर्स्क में टोगो का एक व्यापारी जहाज जल गया, जिसमें 5 क्रू मेंबर मारे गए।
जमीनी लड़ाई में रूस अभी भी कोस्त्यांतिनिव्का जैसे शहरों को धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, लेकिन भारी नुकसान के साथ। यूक्रेन का कहना है “शहर खड़ा है, रक्षा जारी है”।
2. नया हथियार: Geran-3 और Geran-4 जेट ड्रोन
रूस अब पुराने Geran-2 ड्रोन की जगह नए जेट-पावर्ड Geran-3 और Geran-4 ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है। ये ज्यादा ऊंचाई और स्पीड से उड़ते हैं, इसलिए इन्हें मारना मुश्किल है। इनमें इन्फ्रारेड सेंसर और रेडियो रिले लगे हैं।
रूस अब Geran-2 का इस्तेमाल फ्रंटलाइन पर और नए ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन के अंदर गहरे ठिकानों पर कर रहा है। 15 जुलाई को चेरनिहिव, झीतोमीर, मायकोलाइव और ड्निप्रोपेत्रोव्स्क में रिहायशी और ऊर्जा ढांचे पर हमले हुए जिससे खार्किव, सुमी, जापोरीजिया में बिजली गुल हुई।
3. यूक्रेन में इस समय भीषण गर्मी और एयर अलर्ट
यूक्रेन में इस समय तीव्र गर्मी पड़ रही है। कीव और पूर्वी इलाकों में तापमान 32-36°C के बीच है। लेकिन मौसम से ज्यादा खतरा हवाई हमलों का है।
15 जुलाई की सुबह रूस ने 2 इस्कंदर मिसाइल और 94 ड्रोन दागे थे। कीव में बैलिस्टिक मिसाइल हमले से 2 लोगों की मौत और आग लग गई थी। इसलिए मौसम विभाग के साथ-साथ “एयर अलर्ट” ऐप हर नागरिक के फोन में ऑन रहता है। गर्मी और बिजली कटौती से अस्पतालों और बुजुर्गों के लिए दोहरी मुसीबत हो रही है।
4. लोगों का संघर्ष: ईंधन, अनाज और विस्थापन –
साल की जंग ने आम यूक्रेनी की जिंदगी बदल दी:
– ईंधन और बिजली का संकट : यूक्रेन के हमलों से रूस के 83 में से 78 क्षेत्रों में पेट्रोल की किल्लत है। यूक्रेन में भी ओडेसा, मायकोलाइव के बंदरगाहों पर हमलों से निर्यात रुका है। 13 में से 4 बड़े अनाज टर्मिनल ने खरीद बंद कर दी। सरकार कह रही है “निर्यात पिछले साल से कम नहीं होने देंगे”।
– कृषि पर हमला : यूक्रेन का 90% अनाज निर्यात ओडेसा के 3 बंदरगाहों से होता है। रूस के हमलों से क्षमता 1/3 कम हो गई। जुलाई में अब तक 9 लाख टन अनाज ही भेजा जा सका, जो पिछले महीने से कम है।
– विस्थापन और मनोबल : 4 साल में हजारों सैनिक और नागरिक मारे गए, लाखों लोग घर छोड़ चुके हैं। कब्जे वाले डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन, जापोरीजिया में रूस ने “मार्शल लॉ” लगा रखा है। ड्रोन हमलों की जानकारी शेयर करने पर कड़ी सजा का डर है।
5. दुनिया का साथ: यूरोप और NATO का समर्थन जारी
15 जुलाई को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन कीव पहुंचीं और “राज्य दिवस” पर सैन्य और आर्थिक मदद का वादा किया। NATO ने 2026 के लिए 70 अरब यूरो की सैन्य मदद का ऐलान किया। कनाडा, नॉर्वे, डेनमार्क भी ड्रोन और पैट्रियट मिसाइल दे रहे हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने “लॉन्ग-रेंज ग्लोबल इन्फ्लुएंस कमांड” बनाई है जिसका मकसद रूस के गहरे इलाकों में हमला करना है।
निष्कर्ष
17 जुलाई 2026 को यूक्रेन में जंग “खाइयों” से निकलकर “समुद्र और आसमान” में पहुंच गई है। यूक्रेन रूस की तेल सप्लाई काटना चाहता है, रूस यूक्रेन का अनाज निर्यात रोकना चाहता है। बीच में आम लोग हैं जो गर्मी, बिजली कटौती और हमलों के बीच जी रहे हैं।
शांति का कोई आसार नहीं। अगला महीना तय करेगा कि क्राइमिया पूरी तरह आइसोलेट होता है या रूस कोई नया रास्ता निकालता है
– Lakshmi Sharma