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मध्य प्रदेश

सीखने की कोई उम्र नहीं… 78 साल की छात्रा बनी मिसाल, MA में हासिल किया गोल्ड मेडल

SMW NEWS BUREAU
Last updated: 18/02/2026 9:31 AM
By SMW NEWS BUREAU 11 Min Read
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इंदौर / नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के इंदौर में 78 वर्षीय सुषमा मोगे ने एक अद्भुत उपलब्धि अर्जित की है। उन्होंने DAVV (द्वारकादास सिंह विश्वविद्यालय) से एमए की परीक्षा में गोल्ड मेडल हासिल किया है, जिससे वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

Contents
परिवार और समाज की प्रतिक्रियाशिक्षा और जीवन दर्शन

सुषमा ने अपनी पढ़ाई का यह सफर उम्र को पीछे रखकर पूरा किया है। उन्होंने मराठी भाषा में मास्टर्स ऑफ आर्ट्स (MA) की परीक्षा में अत्यंत शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और गोल्ड मेडल जीतने का गौरव हासिल किया।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

सुषमा की इस उपलब्धि पर उनके परिजन बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। उनके परिवार ने बताया कि सुषमा ने लगातार मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है, और परिवार हर कदम पर उनका समर्थन करता रहा है। इंदौर के समाज में भी उनकी इस उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया जा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो उम्र की सीमा को पढ़ाई के मार्ग में बाधा मानते हैं।

सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें और उपलब्धि वायरल हुईं, जहाँ कई लोग उनकी मेहनत और लगन की प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों ने सुषमा को “प्रेरणा का स्रोत” और “जीवन में सीख देने वाली महिला” के रूप में称 किया।

शिक्षा और जीवन दर्शन

78 वर्ष की उम्र में भी शिक्षा के प्रति सुषमा की दृढ़ता और लगन सभी के लिए एक मिसाल है। सुषमा कहती हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को पूरा कर सकता है अगर वह ईमानदारी और मेहनत से प्रयास करे।

उनकी इस उपलब्धि को स्थानीय शैक्षिक समुदाय और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक प्रेरक संदेश माना जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और सीखने की चाह ज़िन्दगी भर बनी रह सकती है।

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TAGGED: DAVV, इंदौर, गोल्ड मेडलिस्ट, प्रेरणादायक खबर, मध्य प्रदेश समाचार, महाराठी MA, वरिष्ठ नागरिक शिक्षा, सुषमा मोगे
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