कॉमेडियन प्रणित मोरे के स्टैंड-अप शो का एक क्राउड-वर्क सेगमेंट हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी विवादों में आया। शो के दौरान दर्शकों में बैठे 23 साल के हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक डेट का किस्सा सुनाया।
उसने बताया कि उसने एक लड़की के लिए एक प्लेट चिकन बिरयानी पर 370 रुपये खर्च किए थे और उसके बदले में उसे ‘सेक्शुअल फेवर’ मिलने की उम्मीद थी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया।
हिमांशु को अपनी नौकरी तक से हाथ धोना पड़ा
हिमांशु की इस सोच पर सोशल मीडिया पर लोग जमकर नाराजगी जता रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद कर दिए।
यही नहीं, उन्हें उनकी नौकरी से भी निकाल दिया गया। प्रणित मोरे ने भी इस मामले पर सफाई देते हुए माफी मांगी और कहा कि उस दर्शक की सोच उनकी अपनी सोच नहीं है। बावजूद इसके विवाद थमा नहीं है।
सेलेब्स ने उठाई आवाज
कई सेलेब्स इस मामले पर अपनी राय दे चुके हैं। अब बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की एक्स-आर्मी ऑफिसर बहन खुशबू पाटनी ने भी इस विवाद पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।
खुशबू अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक विचार शेयर करती हैं। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
खुशबू ने वीडियो जारी कर कहा- ‘ये पढ़े-लिखे गंवार’
खुशबू पाटनी ने अपने वीडियो में हिमांशु की महिलाओं को वस्तु की तरह देखने वाली टिप्पणियों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह लड़का कह रहा है कि पहले दिन बिरयानी खिलाने के बाद सेक्स मांगना अजीब लगेगा।
वह लड़की को एक सुनसान पार्क में ले गया था ताकि उसके साथ शारीरिक नजदीकी बना सके। खुशबू ने कहा कि जब कोई लड़का ‘हम तो सिर्फ दोस्त हैं’ कहता है, तो कई बार उसका असली मतलब कुछ और ही होता है।
‘इसकी सोच देखिए, लड़कियां होशियार हो जाओ’
खुशबू ने आगे कहा, ‘यह सिर्फ 22-23 साल का लड़का है और इसकी सोच देखिए। इसे लड़की के कपड़ों के अंदर हाथ डालना था। लड़कियों, देख लो कि तुम्हें किस नजर से देखा जाता है।’
उन्होंने यह भी कहा कि उस कॉमेडियन के दिमाग में यह नहीं आया कि ऐसी गंदी बातें वहीं रोक दी जानी चाहिए थीं। उन्होंने ‘प्रसाद चढ़ाना’ जैसी बातों पर भी सवाल उठाए।
‘पूरी जिंदगी हमारी कीमत तय होती है’
वीडियो के अंत में खुशबू ने कहा, ‘ये पढ़े-लिखे गंवार हमारी कीमत तय करते हैं। स्कूल में हमारी कीमत तय होती है, कॉलेज में होती है, डेट पर जाते हैं तो भी होती है, और शादी के बाद ससुराल और दहेज के जरिए भी हमारी कीमत लगाई जाती है।’
उन्होंने कहा कि पूरी जिंदगी जैसे हमारी एक कीमत ही तय की जाती रहती है। उन्होंने महिलाओं को सशक्त होने का संदेश भी दिया।
खुशबू ने दिखाया खुकरी
आखिर में खुशबू ने एक पारंपरिक नेपाली चाकू ‘खुकरी’ दिखाया और महिलाओं से उसे खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
यह एक प्रतीकात्मक संदेश था कि महिलाएं किसी के सामने कमजोर न बनें और अपनी रक्षा खुद करें।
कुशा कपिला ने प्रणित को लताड़ा
कुशा कपिला ने भी प्रणित मोरे को जमकर लताड़ा है। उन्होंने लिखा कि कंटेंट क्रिएटर्स की भी जिम्मेदारी होती है कि वह क्या पोस्ट कर रहे हैं।
कुशा के मुताबिक, ऐसा कंटेंट अपलोड करना एक सोचा-समझा फैसला होता है और इसे सिर्फ कॉमेडी कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने महिलाओं से ऐसी घटिया कॉमेडी को खुलकर गलत कहने की अपील की।
कुशा ने कहा- यह कॉमेडी नहीं है
कुशा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि महिलाओं को डरना नहीं चाहिए। अगर किसी ने बकवास की है तो उसे जमकर जवाब दीजिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा क्लिप अपलोड करना एक चॉइस है और यह कॉमेडी नहीं है। यह ऐसा कंटेंट है जिसे सिर्फ लोगों का रिएक्शन पाने के लिए बनाया गया है।
‘आज मैं अपने पैसों से बिरयानी खाऊंगी’
कुशा ने खुशी जताई कि बड़ी संख्या में महिलाएं इस क्लिप के खिलाफ खुलकर बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो आलोचना हो रही है, वह बिल्कुल सही है।
उन्होंने लिखा, ‘बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत मजा आ रहा है। आज मैं अपने पैसों से बिरयानी ऑर्डर करके खाऊंगी।’ उनका यह बयान महिलाओं के आत्मसम्मान को दर्शाता है।
मालती चाहर ने पेद्दी को भी घेरा
मालती चाहर ने इस विवाद पर अपनी राय रखते हुए लिखा कि 370 रुपये की बिरयानी और ‘पेद्दी’ जैसी बातें देखकर समझ आता है कि महिलाएं शादी करने से क्यों हिचकिचाती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी आजादी को इतना महत्व देती हैं और डेट पर बिल बराबर-बराबर बांटना पसंद करती हैं। आज तो कई महिलाएं पुरुषों का पूरा खर्च भी उठा रही हैं।
‘सहमति की कीमत सिर्फ एक प्लेट बिरयानी’
मालती ने कहा कि फिर भी महिलाओं को एक वस्तु की तरह देखा जाता है। ऐसा लगता है जैसे उनकी सहमति की कीमत सिर्फ एक प्लेट बिरयानी जितनी समझी जाती है।
उन्होंने कहा कि बराबरी, सम्मान और गरिमा के लिए पीढ़ियों से संघर्ष करने के बावजूद आज भी हमें इसी तरह की सोच का सामना करना पड़ रहा है।
मालती ने माताओं से की अपील
मालती ने माताओं और भविष्य की माताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बेटों को महिलाओं का सम्मान करना और सहमति का महत्व समझाना सिखाएं।
उन्होंने कहा कि दर्शकों को भी समझना चाहिए कि किसी बात को सिर्फ ‘मजाक’ या ‘फिल्म’ कहकर नजरअंदाज करना आसान है, लेकिन मीडिया समाज की सोच को प्रभावित करता है।
स्क्रीन पर सामान्य दिखाई गई चीजों का असर
मालती ने कहा कि स्क्रीन पर जो चीजें सामान्य दिखाई जाती हैं, उनका असर महिलाओं को असल जिंदगी में झेलना पड़ता है। इसलिए मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं को इस तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ता रहेगा।