नई दिल्ली | अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 वनडे विश्व कप के क्वालिफायर टूर्नामेंट के शेड्यूल को अंतिम रूप दे दिया है। 10 टीमों का यह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट 22 फरवरी से 23 मार्च 2027 तक खेला जाएगा। हालांकि, मेजबानी की घोषणा अभी नहीं हुई है। इस बीच, रैंकिंग में गिरावट के चलते पूर्व चैंपियन वेस्टइंडीज पर एक बार फिर से क्वालिफायर खेलने और संभावित रूप से मुख्य टूर्नामेंट से बाहर होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
क्या है क्वालिफायर का फॉर्मेट?
ICC ने हाल ही में 2027 विश्व कप के फॉर्मेट में बदलाव किया है, जिससे क्वालिफायर का महत्व काफी बढ़ गया है। नए नियमों के अनुसार:
- विजेता को सीधे 14 टीमों वाले विश्व कप के मुख्य ग्रुप राउंड में जगह मिलेगी।
- क्वालिफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें विश्व कप के पहले चरण ‘सुपर सीरीज’ में खेलेंगी। यहां से शीर्ष टीम मुख्य चरण में प्रवेश करेगी।
कौन-कौन सी टीमें खेलेंगी क्वालिफायर?
क्वालिफायर में कुल 10 टीमें होंगी, जिनमें शामिल हैं:
- 30 सितंबर 2026 तक की ODI रैंकिंग में मेजबान (साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे) को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली फुल मेंबर टीमें।
- CWC लीग 2 से 4 टीमें।
- विश्व कप क्वालिफायर प्लेऑफ से 4 टीमें (जो चैलेंज लीग की शीर्ष टीमों के बीच खेला जाएगा)।
वेस्टइंडीज पर क्यों है खतरा?
वेस्टइंडीज वर्तमान में ODI रैंकिंग में 10वें स्थान पर है। कट-ऑफ (30 सितंबर 2026) से पहले, उसे केवल सितंबर में भारत के खिलाफ दो वनडे मैच खेलने हैं। उनकी नियति अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच सीरीज के नतीजे पर भी निर्भर करेगी:
- यदि आयरलैंड (12वें) अफगानिस्तान (8वें) को बड़े अंतर (4-1 या 5-0) से हराता है और वेस्टइंडीज भारत से दोनों मैच जीत जाता है, तो वह शीर्ष-8 में पहुंच सकता है।
- यदि अफगानिस्तान सीरीज जीतता है, तो वेस्टइंडीज का क्वालिफायर खेलना लगभग तय हो जाता है।
गौरतलब है कि वेस्टइंडीज 2023 ODI विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया था। हरारे (जिम्बाब्वे) में खेले गए क्वालिफायर में नीदरलैंड्स के खिलाफ सुपर ओवर में हार के बाद वह पहली बार इस मुख्य टूर्नामेंट से बाहर रहा था। अब 2027 में भी वही स्थिति पैदा हो सकती है।