भोपाल | नेपाल में आई भीषण बाढ़ (Nepal Floods) और भूस्खलन के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सात लोग लापता या फंसे हुए हैं। राहत की खबर यह है कि अनूपपुर (Anuppur) की दो बहनें पलक मांझी और पल्लवी मांझी सुरक्षित मिल गई हैं, लेकिन पांच अन्य लोगों की तलाश में बचाव अभियान (Rescue Operation) जारी है। इनमें विदिशा की स्वाति बागरेचा भी शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता हो गईं।
किन-किन का पता चला?
- पलक और पल्लवी मांझी (अनूपपुर): दोनों बहनें ग्वालियर में पढ़ाई और नौकरी करती हैं। वे छुट्टी मनाने के दौरान नेपाल में फंस गई थीं। पोखरा में सुरक्षित मिलने के बाद उनके पिता ने उनसे फोन पर बात की। उनके रविवार तक घर लौटने की उम्मीद है।
किनकी तलाश जारी है?
- स्वाति बागरेचा (विदिशा): टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यों के समूह के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए निकली थीं। परिवार ने आखिरी बार 26 अगस्त को सुबह उनसे बात की थी, जब वे नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर थीं। उनका मोबाइल बज रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार से बात कर बचाव प्रयासों का आश्वासन दिया है।
- विकास और हिमांशु राजपूत (रायसेन): ये दोनों भाई हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करते थे और बाढ़ में फंस गए।
- शाहजहाँ अंसारी (देवास) और शिबा प्रसाद मुखर्जी (इंदौर): इनके रिश्तेदारों ने भी दिल्ली कंट्रोल रूम से संपर्क किया है।
नई दिल्ली | भारत को टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने चयनकर्ताओं द्वारा उन्हें टीम से बाहर किए जाने पर पहली बार खुलकर बात की है। SKY ने बताया कि जब उन्हें इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टीम से ड्रॉप (Dropped) किया गया, तो उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही था – ‘ऐसा कैसे हो सकता है?’ उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद निराशाजनक था, क्योंकि उनके नेतृत्व में टीम ने एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप जीता था और कोई सीरीज नहीं हारी थी।
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क्या है पूरा मामला?उनके मन में क्या चल रहा था?क्या बोले चयनकर्ताओं के फैसले पर?
क्या है पूरा मामला?
सूर्यकुमार ने जुलाई 2024 में टी20 कप्तानी संभाली थी और उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने एक भी टी20 सीरीज नहीं गंवाई। इसके बावजूद, चयनकर्ताओं ने 2026 की शुरुआत में श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को कप्तान बनाते हुए सूर्यकुमार को टीम से बाहर कर दिया।
उनके मन में क्या चल रहा था?
सूर्यकुमार ने बताया कि शुरू में उन्होंने इस फैसले को स्वीकार करने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे यह सवाल उन्हें भीतर से परेशान करने लगा। उन्होंने कहा, “मैं सोच रहा था – ऐसा कैसे हो सकता है? यह संभव कैसे है? हमने अभी वर्ल्ड कप जीता है, एक भी सीरीज नहीं हारी, फिर बदलाव क्यों?”
उन्होंने स्वीकार किया कि वह करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहे और लगातार इसी सवाल पर सोचते रहे। उन्होंने कहा कि जब दोस्त और परिवार घर से चले जाते हैं, तो अकेले में यह सवाल और गहरा हो जाता है।
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क्या हुआ था?
26 अगस्त को नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से विनाशकारी बाढ़ आ गई थी, जो बाद में त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में बह गई, जिससे कई लोग लापता हो गए।