श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीते की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले ने अब विरोध का रूप ले लिया है। घटना को लेकर वन्यजीव प्रेमियों और संगठनों में नाराजगी है। इसी कड़ी में कूनो संघर्ष समिति ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
समिति ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर चीते की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। समिति ने केवल चीते की हत्या का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि जिले के जंगलों में कथित अवैध कटाई और वन सुरक्षा में लापरवाही पर भी सवाल खड़े किए।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन
गुरुवार दोपहर कूनो संघर्ष समिति के सदस्य श्योपुर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने कूनो नेशनल पार्क में चीते की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में समिति ने कहा कि चीते की हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। समिति के मुताबिक, जांच केवल घटना तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि शिकार में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
तीन प्रमुख मांगें
कूनो संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
- चीते की हत्या और शिकारियों के संभावित नेटवर्क की CBI जांच
- कूनो नेशनल पार्क और श्योपुर के वन क्षेत्रों में सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई
- जंगलों की कथित अवैध कटाई और भू-माफिया की गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच
शिकारी नेटवर्क पर आशंका
कूनो संघर्ष समिति के संयोजक अतुल चौहान और अन्य सदस्यों ने ज्ञापन में शिकारियों के नेटवर्क की जांच का मुद्दा उठाया। समिति ने दावा किया कि इससे पहले श्योपुर क्षेत्र में शिकार किए गए वन्यजीवों की खालें आगरा में मिली थीं। समिति ने इस दावे के आधार पर शिकारियों के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई है।
हालांकि, शिकारियों के नेटवर्क को लेकर समिति ने जो आशंका जताई है, उसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल समिति इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच चाहती है।
जंगलों की अवैध कटाई पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान समिति ने श्योपुर जिले के जंगलों में कथित अवैध कटाई का मुद्दा भी उठाया। समिति ने आरोप लगाया कि जिले में भू-माफिया और वन माफिया बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई कर रहे हैं। उसके मुताबिक, इससे पर्यावरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच रहा है।
समिति ने वन क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उसका कहना है कि जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यवस्था की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
वन विभाग में हलचल
चीते की हत्या के बाद वन विभाग में हलचल है। मामले की जांच के लिए केंद्र और राज्य स्तर के जांच दल जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ, वन्यजीव प्रेमी और विभिन्न संगठन भी घटना को लेकर सवाल उठा रहे हैं और CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
अब इस मामले में जांच के निष्कर्ष और समिति की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।