By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
smwnews.in
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
Reading: 1.9 करोड़ की नौकरी, माइक्रोसॉफ्ट का आराम छोड़ा! अब अपने AI स्टार्टअप से कमा रहे 5.4 लाख
smwnews.in
smwnews.insmwnews.in
Font ResizerAa
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
© 2026 smwnews.in All Rights Reserved. Managed By SMW Media & Entertainment
smwnews.in > Blog > बिजनेस > 1.9 करोड़ की नौकरी, माइक्रोसॉफ्ट का आराम छोड़ा! अब अपने AI स्टार्टअप से कमा रहे 5.4 लाख
बिजनेस

1.9 करोड़ की नौकरी, माइक्रोसॉफ्ट का आराम छोड़ा! अब अपने AI स्टार्टअप से कमा रहे 5.4 लाख

SMW NEWS BUREAU
Last updated: 13/10/2026 9:47 AM
By SMW NEWS BUREAU 5 Min Read
Share
SHARE

सिएटल | छह अंकों वाली शानदार सैलरी, भारी-भरकम स्टॉक बोनस और दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में ऐसी नौकरी, जहां से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को आकार लेते करीब से देखा जा सकता था – किसी भी युवा के लिए यह एक ड्रीम लाइफ जैसी है। लेकिन 25 साल के जुनेद खान (Junaid Khan) के लिए यह सब कुछ काफी नहीं था। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो साल तक माइक्रोसॉफ्ट में काम करने के बाद जुनेद ने इस पूरी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को दांव पर लगाकर अपना खुद का एआई स्टार्टअप शुरू करने का जोखिम भरा फैसला लिया है।

सिएटल में रहने वाले जुनेद खान ने साल 2024 में स्टॉक और बोनस मिलाकर $200,000 (लगभग 1.9 करोड़ रुपये)** से ज्यादा की कमाई की थी। वहीं, उनके नए एआई स्टार्टअप **’ट्रेजरी’ (Treasury)** ने अब तक कुल **$6,000 (लगभग 5.4 लाख रुपये) का ही रेवेन्यू जुटाया है। जुनेद फिलहाल अपने इस नए वेंचर से ₹1 की भी सैलरी नहीं ले रहे हैं और माइक्रोसॉफ्ट में रहते हुए जमा की गई अपनी पुरानी बचत से ही अपना गुजारा चला रहे हैं।

क्यों छोड़ा माइक्रोसॉफ्ट का साथ? यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना (University of North Carolina) से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद जुनेद ने साल 2023 में माइक्रोसॉफ्ट में अपनी नौकरी शुरू की थी। उनके काम का मुख्य हिस्सा दुनिया भर में डेटा सेंटर्स स्थापित करने में मदद करना था, जिससे उन्हें एआई के बुनियादी ढांचे की गहरी समझ मिली। लेकिन समय बीतने के साथ उन्हें अहसास हुआ कि यह नौकरी उन्हें वे एडवांस्ड एआई स्किल्स सीखने का मौका नहीं दे रही है जो वे सीखना चाहते थे। साल 2025 की शुरुआत में सेवा में आए तकनीकी व्यवधानों के बाद कंपनी का पूरा ध्यान सुरक्षा और सर्विस स्टेबिलिटी पर केंद्रित हो गया, जिससे प्रोडक्ट डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी पड़ने लगी। इसी बीच तेजी से उभरते एआई कोडिंग टूल्स ने उनके भीतर खुद का एक प्रोडक्ट बनाने की इच्छा को जगा दिया।

कैसे आया ‘ट्रेजरी’ का आइडिया? ‘ट्रेजरी’ का विचार जुनेद को उनके कॉलेज के दिनों में ही आ गया था, जब उन्हें यूके और यूएस के बीच अपने फाइनेंस को मैनेज करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें लगा कि एक ‘एआई-पावर्ड मनी कोच’ बनाया जा सकता है, जो आम लोगों को महंगे फाइनेंशियल एडवाइजर्स पर हजारों डॉलर खर्च किए बिना अपने पैसों का सही प्रबंधन करने में मदद करे। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट जॉइन करने से पहले ही इस पर काम शुरू कर दिया था और लगभग दो साल तक ऑफिस के बाद की शामों और वीकेंड्स में इस प्रोजेक्ट को निखारते रहे।

बिना को-फाउंडर और बिना फंडिंग के कैसे खड़ा किया स्टार्टअप? शुरुआत में जुनेद ने ‘वाई कॉम्बिनेटर’ (Y Combinator) जैसे बड़े स्टार्टअप एक्सेलेरेटर्स में अप्लाई किया, ताकि फंड मिलने पर नौकरी छोड़ने का आत्मविश्वास आ सके। लेकिन जब चयन नहीं हुआ, तो उन्होंने अपनी किस्मत खुद लिखने का फैसला किया। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में मिले अपने जॉइनिंग बोनस और स्टॉक के वेस्ट (vest) होने का इंतजार किया और अगस्त में इस्तीफा दे दिया। इसके दो महीने बाद उन्होंने आधिकारिक रूप से ‘ट्रेजरी’ लॉन्च कर दिया। बिना किसी को-फाउंडर या वेंचर कैपिटल फंडिंग के अकेले यह सफर तय करने में Claude Code और Codex जैसे एआई कोडिंग टूल्स उनके सबसे बड़े मददगार बने। जुनेद का मानना है कि इन मॉडर्न एआई टूल्स ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को इतना आसान बना दिया है कि आज एक अकेला व्यक्ति भी पूरा प्रोडक्ट तैयार कर सकता है।

Must Read: ‘जुल्म की इंतहा हो गई…’ भड़के शिवराज सिंह चौहान, मुख्य सचिव को फोन कर जताई नाराजगी

सोशल मीडिया पर शेयर की नाकामी और सफलता की कहानी जुनेद ने अपनी इस सोलो-फाउंडर जर्नी, जिसमें असफल हुए प्रोडक्ट लॉन्चेस और अकेले बिजनेस चलाने की चुनौतियां शामिल थीं, को सोशल मीडिया पर खुलकर शेयर करना शुरू किया। आज अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर उनके 30,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। ‘ट्रेजरी’ के पास अब पेड कस्टमर्स आ चुके हैं, लेकिन जुनेद का मानना है कि बिजनेस अभी शुरुआती चरण में है और वे बाहरी फंडिंग लेने से पहले अपने यूजर बेस को मजबूत करने में जुटे हैं।

You Might Also Like

भारत का बड़ा लक्ष्य: 5 साल में 30 मिलियन टन मछली उत्पादन, NPOA प्लान

AI से हायरिंग में 1 करोड़ बचाने का दावा, हफ्ते में 11 उम्मीदवारों से मुलाकात

SBI होम लोन हुआ महंगा: ब्याज 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा, जानें EMI कितनी बढ़ेगी

रूसी तेल पर भारत समेत 5 देशों को बड़ी राहत, ट्रंप बोले- कोई टैरिफ नहीं

भारत पर 100% टैरिफ? सर्जियो गोर बोले- 10 दिन में फैसला लेंगे ट्रंप

TAGGED: AI Coding Tools, AI Startup, business news, Career, Claude Code, Codex, Junaid Khan, Microsoft, Startup Story, Treasury
Share This Article
Facebook Twitter Email Copy Link Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

smwnews.in

Information You Can Trust: Stay instantly connected with breaking stories and live updates. From politics and business to entertainment and beyond, we provide real-time coverage you can rely on, making us your dependable source for 24/7 news.

Quick Links

  • About Us
  • Advertise
  • Disclaimer
  • Credit & Removal Notice
  • Terms and Conditions
© 2026 smwnews.in All Rights Reserved. Managed By SMW Media & Entertainment
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?