नई दिल्ली | भारतीय क्रिकेट टीम के श्रीलंका दौरे के लिए हाल ही में घोषित 15 सदस्यीय टेस्ट स्क्वाड ने एक बड़े सवाल को जन्म दे दिया है। जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह नहीं दी गई है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चयनकर्ताओं की नीति पर सवाल उठाए हैं। नबी ने पिछले रणजी सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को खिताब दिलाया था।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय टीम को अगले महीने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। चयनकर्ताओं ने इसके लिए स्क्वाड का ऐलान कर दिया, जिसमें मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सरांश जैन को पहली बार मौका मिला, लेकिन आकिब नबी को फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। नबी ने हाल ही में श्रीलंका में इंडिया-ए के लिए खेले गए दो चार दिवसीय मैचों में भी 6 विकेट चटकाए और अपनी फॉर्म साबित की।
इरफान पठान ने क्या कहा?
इरफान पठान ने स्पोर्टस्टार से बातचीत में कहा कि उनके पास इस बात का कोई तार्किक जवाब नहीं है कि आकिब नबी को क्यों नहीं चुना गया। उन्होंने चयन प्रक्रिया को समझ पाने में अपनी असमर्थता जताई। पठान ने सवाल किया कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट (जो डब्ल्यूटीसी का हिस्सा भी नहीं था) को नबी को आजमाने का सही मौका क्यों नहीं बनाया गया? उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में मोहम्मद सिराज टीम के नंबर-1 तेज गेंदबाज हैं, लेकिन अफगानिस्तान जैसे कमजोर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ उन्हें खिलाने के बजाय नबी को मौका दिया जाना चाहिए था।
‘गलत पैमानों पर हो रहा है आकलन’
इरफान ने कहा कि किसी तेज गेंदबाज को सिर्फ उसकी रफ्तार से नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा, “लोग सिर्फ स्पीड की बात करते हैं, लेकिन यह भी देखना चाहिए कि गेंदबाज बल्लेबाज को कितनी बार बीट कर रहा है। क्या वह घरेलू क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान कर रहा है?” पठान ने रणजी ट्रॉफी फाइनल का उदाहरण देते हुए बताया कि नबी ने केएल राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज को परेशान किया था। उनके अनुसार, ऐसे प्रदर्शन को इनाम मिलना चाहिए था।
‘तेज गेंदबाजों का पीक वक्त सीमित’
इरफान पठान ने चयनकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि तेज गेंदबाजों का करियर का सर्वश्रेष्ठ समय सीमित होता है। “तेज गेंदबाज 27 से 32 साल की उम्र के बीच अपने चरम पर होते हैं। अगर आप उन्हें देर से मौका देंगे तो उनका सबसे अच्छा समय निकल जाएगा।” उन्होंने कहा कि भारत ऐसे गेंदबाजों का पीक गंवाना नहीं चाहेगा, क्योंकि चोटों के कारण मजबूत बैकअप की हमेशा आवश्यकता होती है। पठान ने स्पष्ट किया कि उन्हें सरांश जैन के चयन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यही पैमाना आकिब नबी पर भी लागू होना चाहिए था।