मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर अपने पहले T20I मैच में ऑस्ट्रेलिया से 6 विकेट से हारने के बाद हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई।
रविवार को 6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से 6 विकेट की हार के बाद भारतीय महिला टीम T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई। यह भारत के लिए एक और दुखद हार थी।
हरमनप्रीत की शानदार पारी
इस मैच में हरमनप्रीत कौर ने शानदार 56 रनों की पारी खेली। उनके साथ स्मृति मंधाना ने 38 और शैफाली वर्मा ने 34 रन जोड़ते हुए भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
टीम ने 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 170 रन बनाए। यह एक अच्छा स्कोर था, लेकिन काफी नहीं था।
171 रन का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया
171 रन का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बढ़ गया था क्योंकि भारत ने जरूरी रन रेट को 10 के करीब पहुंचा दिया था।
लेकिन भारत की खराब गेंदबाजी, फील्डिंग में छूटे मौकों और दबाव बनाए न रख पाने के कारण ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर फिर से पकड़ बना ली।
ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए एलिस पेरी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 56 रन बनाए।
एश गार्डनर ने भी तेज तर्रार पारी खेलते हुए 29 गेंदों में 53 रनों का बड़ा योगदान दिया। फोएबे लिचफील्ड ने 25 गेंदों में 24 रन बनाए।
2024 की याद ताजा
ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की यह एक और दुखद हार थी। इससे पहले 2024 महिला T20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में भी इसी टीम से हारकर भारत बाहर हो गया था।
हर बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को करारी हार का सामना करना पड़ता है। यह भारत के लिए एक बड़ी चिंता है।
लॉर्ड्स का सपना टूटा
हरमनप्रीत कौर की टीम लंदन के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर अपना पहला T20I मैच खेल रही थी, लेकिन यह ऐतिहासिक मौका निराशाजनक रूप से खत्म हुआ।
लॉर्ड्स पर जीत दर्ज करना हर क्रिकेटर का सपना होता है। लेकिन भारत के लिए यह सपना टूट गया।
सोफी मोलिनेक्स की शानदार गेंदबाजी
भारत की ओर से अच्छे स्कोर के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज सोफी मोलिनेक्स ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 4 ओवरों के स्पेल में 46 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।
उन्होंने भारत को बड़े स्कोर से रोका। यदि उनकी गेंदबाजी न होती तो भारत 180 से अधिक का स्कोर बना सकता था।
भारत के लिए निराशा
यह हार भारत के लिए बहुत निराशाजनक है। टीम ने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में वह कमजोर रही।
खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ छोटी-छोटी गलतियाँ बड़ी साबित होती हैं।
आगे का रास्ता
अब भारतीय टीम को इस हार से सीख लेनी होगी और अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग पर काम करना होगा।
आने वाले टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन के लिए टीम को अपनी कमियों को दूर करना होगा।