हरिद्वार | सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर हरिद्वार में कांवड़ यात्रा का रिकॉर्ड बन गया है। प्रशासन के अनुसार, इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान अब तक 4.43 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट चुके हैं। सोमवार को अकेले 63.60 लाख से अधिक भक्त गंगा स्नान और जलाभिषेक के लिए यहाँ पहुँचे। भगवान शिव के ससुराल दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सबसे अधिक भीड़ उमड़ रही है, जहाँ भक्त ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ जलाभिषेक कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा का रिकॉर्ड
यह साल कांवड़ यात्रा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। 30 जुलाई से शुरू हुई यात्रा सावन शिवरात्रि पर समाप्त हो रही है। इस दौरान देशभर से श्रद्धालुओं का हरिद्वार आने का सिलसिला जारी रहा। प्रशासन ने इस भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कांवड़ मार्गों पर पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी भीड़
यूँ तो सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा है, लेकिन दक्षेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की सबसे लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मान्यता के अनुसार, यह मंदिर भगवान शिव के ससुराल के रूप में प्रसिद्ध है। भक्तों की आवाजाही आसान बनाने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन और कई जगहों पर आवश्यक प्रतिबंध भी लगाए हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि शिवरात्रि के मौके पर मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपनी आस्था का निर्वहन कर रहे हैं और अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों के लिए मेडिकल, खाने-पीने और विश्राम की भी उचित व्यवस्था की है।