उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में आयोजित मां कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर बवाल मचा हुआ है। सिंगर के स्टेज पर लिप सिंक किए जाने की आशंका के बाद दर्शकों ने नाराजगी जताई थी। हालातों को देखते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद ये मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
मंत्री सुबोध उनियाल ने विवाद पर आजतक संग बातचीत में अपनी बात रखते हुए कहा कि दलेर मेहंदी देश के बड़े और लोकप्रिय गायक हैं। इसी वजह से उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। लेकिन जब मंच पर ऐसा लगा कि वो लाइव गाने के बजाय केवल लिप सिंक कर रहे हैं, तो दर्शकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनियाल ने कहा कि वो स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के साथ मेला कमेटी के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में दर्शकों की नाराजगी को देखते हुए उन्होंने एंकर को बुलाकर अपनी बात रखी।
‘हम दलेर मेहंदी को सुनने आए थे’
मंत्री के अनुसार, उन्होंने एंकर से कहा—
“हम लोग दलेर मेहंदी को सुनने आए हैं, उनकी टीम को सुनने नहीं आए हैं। उनको यहां पर परफॉर्म करना चाहिए। ऐसा लग रहा था कि पूरा सिस्टम ऑटोमैटिक चल रहा था। सभी लोग सिर्फ लिप्सिंग कर रहे थे।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में मैंने एक बार कहा— “भाई ऐसा नहीं चलेगा। आपका बहुत बड़ा नाम है। आपको नाम की गरिमा रखनी चाहिए। आपको बुलाया गया है यहां पर परफॉर्म करें।”
‘नशे के प्रभाव में लगे थे दलेर मेहंदी’
मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर तंज कसते हुए कहा—
“उनके मुंह से बोला नहीं जा रहा था, ना वो चल पा रहे थे, पूरी दुनिया ने वीडियो देखी है। मुझे लगा कि वो नशे के प्रभाव में हैं। अब वो नशा किस चीज का है? इतने बड़े आर्टिस्ट का मैं मेडिकल तो नहीं करता। दलेर मेहंदी किस चीज के नशे में थे ये मैं कह नहीं सकता।”
‘तबीयत खराब थी तो जनता को पहले बता देते’
मंत्री ने आगे कहा—
“मुझसे बाद में बोला गया कि उनकी तबीयत खराब थी इसलिए वो चल नहीं पा रहे थे, बोल नहीं पा रहे थे। इतने बड़े कलाकार की तबीयत खराब थी तो जनता को पहले बता देना चाहिए था। किसी को उन्होंने बताया नहीं, शो के लिए मना कर देना चाहिए था।”
उन्होंने बताया कि पूरा पैसा पहले ही 35 लाख रुपये खाते में डाल दिया गया था। जब पूरा पैसा डाला तो कहा गया कि होटल का भी भेज दीजिए। मैंने वो भी दिया। उन्होंने साफ किया कि उनका दलेर मेहंदी को व्यक्तिगत ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
“ऐसी स्थिति में बड़े कलाकारों को अपनी ग्रेविटी का ध्यान रखना चाहिए। तबीयत ठीक नहीं थी तो नहीं आना चाहिए। एक घंटा होने बाद जब लोगों को लगा कि वो गा नहीं रहे थे, तब मुझे प्रतिनिधि होने के नाते मंच पर जाना पड़ा। कलाकारों का सम्मान बना रहे इसलिए कलाकारों को यथा नाम तथा काम करना चाहिए।”
बॉलीवुड के सपोर्ट पर कसा तंज
मंत्री उनियाल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने कोई अपशब्द नहीं कहा है और दलेर मेहंदी को ठेस पहुंचाने की कोई मंशा नहीं थी। वो बड़ा नाम थे, इसलिए उनको बुलाया था।
मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि अगर उनके पक्ष में बॉलीवुड या अन्य लोग आ रहे हैं तो वो उनके मित्र, यार हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने सिंगर सुनंदा शर्मा को भी शो में बुलाया था। लेकिन अचानक उनकी तबीयत खराब हुई तो उन्होंने पूरा पैसा वापस दिया।
क्या है पूरा विवाद?
उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में मां कुंजापुरी मेले के दौरान दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस में दर्शकों को लगा कि सिंगर लाइव नहीं गा रहे हैं, बल्कि लिप सिंक कर रहे हैं। इसके अलावा स्टेज पर उनकी हालत भी ठीक नहीं लग रही थी। दर्शकों की नाराजगी बढ़ने पर मंत्री सुबोध उनियाल को मंच पर आकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई बॉलीवुड हस्तियों और सिंगर के फैंस ने दलेर मेहंदी का सपोर्ट किया था। अब मंत्री के इस बयान से विवाद और गहरा सकता है।