MP की राजधानी भोपाल में पैसों के विवाद ने अपहरण और फिरौती की सनसनीखेज वारदात का रूप ले लिया। एयरोसिटी में रहने वाले दो युवतियों समेत आठ युवक-युवतियों को घर में घुसकर पीटा गया और फिर जबरन गाड़ियों में बैठाकर अगवा कर लिया गया। आरोप है कि अपहरण के दौरान भी पीड़ितों के साथ मारपीट की गई और उन्हें छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली में मौजूद एक दोस्त की सतर्कता अहम साबित हुई। उसकी सूचना पर भोपाल पुलिस हरकत में आई और सभी आठों पीड़ितों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
क्या थी घटना की शुरुआत?
पुलिस के मुताबिक, सभी पीड़ित मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं और भोपाल के एक होटल में साथ काम करते हैं। वे गांधी नगर क्षेत्र के एयरोसिटी में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी का पीड़ितों से दो लाख रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को वारदात की वजह माना जा रहा है।
आरोप है कि आरोपी अपने साथियों के साथ पीड़ितों के घर पहुंचा। वहां पहले उनके साथ मारपीट की गई और फिर उन्हें जबरन दो गाड़ियों में बैठाकर अपने साथ ले जाया गया।
रास्ते में भी करते रहे मारपीट, मांगे 10 लाख
पीड़ितों को अगवा करने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर गाड़ी के अंदर भी उनके साथ मारपीट की। इसके बाद रिहाई के बदले 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। इस दौरान पीड़ितों ने दिल्ली में मौजूद अपने एक परिचित से संपर्क किया और आरोपियों के खाते में रुपये ट्रांसफर करने की बात कही।
बातचीत सुनकर दोस्त को शक हुआ कि मामला सामान्य पैसों के लेन-देन का नहीं, बल्कि किसी गंभीर अपराध से जुड़ा हो सकता है। उसने देर किए बिना डायल-112 पर भोपाल पुलिस को सूचना दे दी।
दिल्ली से आए एक फोन कॉल से सक्रिय हुई पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और पीड़ितों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान सभी आठ युवक-युवतियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं वारदात का मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने एक गाड़ी भी जब्त की है और फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
एसीपी का बयान
एसीपी शशांक जैन ने बताया कि गांधीनगर क्षेत्र में अपहरण का मामला आया था। आरोपियों ने आठ लोगों को बंधक बनाकर गाड़ी में घुमाया था और उनके साथ मारपीट की थी। पुलिस को एफआरबी पर सूचना मिली थी, उसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक गाड़ी समेत तीन आरोपियों को पकड़ लिया है।
मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पैसों के विवाद से लेकर अपहरण और फिरौती की मांग तक पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले में दिल्ली में बैठे दोस्त की सतर्कता निर्णायक साबित हुई, जिसकी सूचना से समय रहते पुलिस तक बात पहुंची और आठों लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका।