जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में जिला पुलिस ने मंगलवार, 28 अक्टूबर को एंटी-फिदायीन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास जिला पुलिस लाइन (DPL) परिसर में किया गया। इसका मकसद किसी संभावित आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना था। इसके साथ ही अलग-अलग सुरक्षा बलों के बीच तालमेल और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता का आकलन भी किया गया।
इस मॉक ड्रिल में बांदीपोरा की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), जिला पुलिस लाइन (DPL), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की तीसरी बटालियन, 14 राष्ट्रीय राइफल्स और 27 असम राइफल्स के जवानों ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने मिलकर एक काल्पनिक आतंकी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई का अभ्यास किया।
दो इमारतों में 4 काल्पनिक आतंकी
अभ्यास के दौरान दो निर्माणाधीन इमारतों में चार काल्पनिक आतंकियों की मौजूदगी दिखाई गई। सुरक्षा बलों ने मॉक ड्रिल में तय किए गए परिदृश्य के मुताबिक कार्रवाई करते हुए चारों को निष्क्रिय किया। इस अभ्यास के जरिए सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल तैयारी और आतंकी हमले जैसी स्थिति में प्रतिक्रिया देने की क्षमता का परीक्षण किया गया। पूरी कार्रवाई निर्धारित अभ्यास योजना के तहत की गई।
बम डिफ्यूजल टीम ने की तलाशी
आतंकियों को निष्क्रिय करने के बाद AST/BDS टीम ने इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक खोजी कुत्ते की भी मदद ली गई। टीम ने परिसर में संदिग्ध विस्फोटक उपकरणों और अन्य संभावित खतरों की जांच की। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कार्रवाई के बाद भी इलाके में किसी तरह का खतरा मौजूद न रहे।
मेडिकल इमरजेंसी का भी अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान चिकित्सा सहायता और घायलों को संभालने की व्यवस्था का भी आकलन किया गया। इसके तहत एंबुलेंस की तैनाती और काल्पनिक रूप से घायल हुए लोगों को संभालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य किसी वास्तविक आतंकी हमले या अन्य सुरक्षा आपात स्थिति में घायलों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने की तैयारी को परखना था।
डीब्रीफिंग से हुआ समापन
अभ्यास के अंत में पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई और उसे सुरक्षित घोषित किया गया। इसके बाद सभी भाग लेने वाले जवानों और संबंधित टीमों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए ब्रीफिंग और डीब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान कार्रवाई के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की गई और भविष्य में तैयारियों को और बेहतर बनाने के लिए सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान की गई।
जिला पुलिस बांदीपोरा और इसमें शामिल सुरक्षा एजेंसियों ने इस अभ्यास के जरिए अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने और आपसी समन्वय बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मॉक ड्रिल एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | DPL परिसर, बांदीपोरा |
| तारीख | 28 अक्टूबर |
| शामिल बल | SOG, DPL, CRPF, 14 RR, 27 Assam Rifles |
| काल्पनिक आतंकी | 4 (दो इमारतों में) |
| अतिरिक्त अभ्यास | विस्फोटक जांच, मेडिकल इमरजेंसी |