इस्लामाबाद | पाकिस्तान की अदियाला जेल (Adiala Jail) में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उनका अचानक मेडिकल चेकअप (Medical Checkup) किया गया है। 73 वर्षीय इमरान खान साल 2023 से जेल में हैं, जब उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल, वह रावलपिंडी (Rawalpindi) की हाई-सिक्योरिटी वाली अदियाला जेल में बंद हैं। इस बीच, पाकिस्तानी अधिकारियों ने रविवार को इमरान खान की बहन अलीमा खान (Aleema Khan) को भी हिरासत में ले लिया है।
अलीमा खान को क्यों भेजा गया जेल?
सूत्रों के अनुसार, अलीमा को लाहौर (Lahore) में हिरासत में लिया गया और कोट लखपत जेल (Kot Lakhpat Jail) भेज दिया गया। उन्हें ‘पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960’ के तहत हिरासत में लिया गया। इस कानून के तहत स्थानीय पुलिस किसी भी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है, जिससे सार्वजनिक शांति को खतरा हो। अलीमा खान इमरान खान की बहन हैं और अक्सर उनकी सेहत और रिहाई को लेकर सार्वजनिक बयान देती रही हैं।
इमरान खान का मेडिकल चेकअप
कुछ रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) की एक विशेष टीम ने इमरान खान की मेडिकल जांच की। बताया जा रहा है कि उनका व्यापक मेडिकल चेकअप किया गया, जिसमें ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और आंखों की जांच शामिल थी। रिपोर्ट के अनुसार, PIMS के एक डॉक्टर ने टीम का नेतृत्व किया, जबकि जांच के दौरान अदियाला जेल अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने भी मदद की। खान ने आंखों की बीमारी की शिकायत की है और उन्हें इलाज के लिए कई बार PIMS ले जाया गया है।
इमरान खान की सेहत पर सियासी बवाल
इमरान खान के समर्थकों का आरोप है कि उचित स्वास्थ्य देखभाल (Healthcare) न मिलने के कारण उनकी सेहत खराब हो गई है, जबकि जेल अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज किया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 18 अगस्त को उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल (Private Hospital) में शिफ्ट करने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बजाय उन्हें PIMS ले जाया गया और अस्पताल में कई मेडिकल टेस्ट के बाद वापस जेल भेज दिया गया।
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PTI की मांग और विरोध की तैयारी
खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए पूरी मेडिकल जांच और इलाज के लिए उन्हें इस्लामाबाद के निजी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल (Shifa International Hospital) में शिफ्ट करने की मांग की है। पार्टी ने उन्हें रिहा करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के मकसद से 27 सितंबर को विरोध प्रदर्शन (Protest) की भी योजना बनाई है।