आगर-मालवा | मध्य प्रदेश के आगर-मालवा (Agar Malwa) जिले के नलखेड़ा (Nalkheda) तहसील के मोल्याखेड़ी (Molyakhedi) गांव में मूलभूत सुविधाओं (Basic Amenities) की कमी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव में न तो व्यवस्थित श्मशान घाट (Crematorium) है और न ही अंतिम संस्कार के लिए स्थायी टिन शेड (Tin Shed) । बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जहाँ ग्रामीणों को अस्थायी इंतजामों के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है और पक्की सड़क (Pucca Road) न होने के कारण शवयात्रा को नाले (Drain) से होकर गुज़रना पड़ता है।
क्या है पूरा मामला?
- श्मशान घाट और शेड नहीं: मोल्याखेड़ी गांव में श्मशान घाट की जगह अस्थायी शेड है, जो बारिश में पूरी तरह असुरक्षित हो जाता है। हाल ही में एक अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को बारिश से बचाने के लिए चिता पर चद्दर (Tarpaulin) बांधकर काम चलाना पड़ा।
- सड़क की समस्या: श्मशान स्थल तक पहुँचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। शवयात्रा को कच्चे रास्तों और नालों से होकर गुज़रना पड़ता है, जो बारिश के दौरान और भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने क्या कहा?
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन (Local Administration) , अधिकारियों (Officials) और जनप्रतिनिधियों (Public Representatives) से श्मशान घाट, टिन शेड और पक्की सड़क की मांग की है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन (Assurances) ही मिले हैं, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क और व्यवस्थित श्मशान घाट किसी भी गाँव की मूलभूत आवश्यकता है और इस तरह की स्थिति में अंतिम विदाई के समय भी परेशान होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने चेतावनी (Warning) दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन (Agitation) करने पर मजबूर होंगे।