मुंबई | दिवंगत अभिनेता मुरली की आइकॉनिक फिल्म ‘इधयम’ की यादों को एक नए अंदाज में पेश करती फिल्म ‘इधयम मुरली’ (Idhayam Murali) इस समय नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम हो रही है। अथर्व मुरली (Atharvaa) ने अपने पिता के उसी ‘इंट्रोवर्ट’ लवर की विरासत को संभाला है, लेकिन इस बार कहानी 90 के दशक के भारी-भरकम ड्रामे से हटकर हल्की-फुल्की और मॉडर्न है। डायरेक्टर आकाश भास्करन ने पुरानी यादों को नए रंग-रूप में पेश करने की कोशिश की है, जिसमें थमन का एनर्जेटिक बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की जान है।
क्या है फिल्म की कहानी?
कहानी एक फ्लाइट में शुरू होती है, जहां इधया मुरली (अथर्व) अपनी शादी से 24 घंटे पहले न्यूयॉर्क से भारत लौट रहा है। फ्लैशबैक के जरिए, उसकी लव लाइफ का सफर सामने आता है, जिसमें चार अलग-अलग महिलाएं (जोनिता गांधी, प्रीति मुकुंदन, कायादु लोहार और एक सरप्राइज कैमियो) आती हैं। सवाल यह है कि अपने इमोशंस को दबाकर रखने वाला इधया आखिर किसे अपना सच्चा प्यार मानता है?
कैसा है फिल्म का अंदाज?
फिल्म में हल्का-फुल्का माहौल है, जो देखने में काफी फ्रेश लगता है। मनोज परमहंस और सीएच साई की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को विजुअली रिच बनाती है। कहानी पांच अलग-अलग टाइम पीरियड से गुजरती है, और सभी फीमेल लीड्स (टीचर, नासा एस्ट्रोनॉट, डॉक्टर) शानदार प्रोफेशनल्स हैं। फहाद फासिल एक साधारण सपोर्टिंग रोल में भी अपनी अदाकारी से छा जाते हैं और क्लाइमेक्स का उनका सीन थिएटर में सीटी बजाने पर मजबूर करता है। यूट्यूबर सुधाकर की कॉमिक टाइमिंग और थमन का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के ढीलेपन को काफी हद तक छुपा लेते हैं।
क्या हैं कमियाँ?
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इमोशनल कनेक्ट की कमी है। दर्शक को हीरो के प्यार की परवाह उतनी नहीं होती, क्योंकि वह जब चाहे, बिना किसी दर्द के आसानी से मूव ऑन कर लेता है। फीमेल लीड्स के किरदारों को सीमित दायरा दिया गया है, और यह साफ नहीं होता कि वे एक-दूसरे के प्यार में क्यों पड़ते हैं। दोस्तों के किरदार भी याद रहने लायक नहीं हैं। फिल्म कहीं-कहीं लंबी भी लगती है।
Must Read: China Rare Earth: Fighter Jet से Missile तक, क्या US की Military Supply की चाबी है चीन के पास?
क्या आपको देखनी चाहिए?
अगर आप मिलेनियल्स हैं, तो आप इस फिल्म से पूरी तरह कनेक्ट हो जाएंगे, क्योंकि यह आपकी ही कहानी लगेगी। लेकिन अगर आप 90 के दशक वाली गहरी इमोशनल लव स्टोरी की उम्मीद कर रहे हैं, तो निराशा हो सकती है। यह एक खुशनुमा, परीकथा जैसी फील-गुड फिल्म है – एक बार देखी जा सकती है।