नई दिल्ली | सोने की कीमतों में हाल ही में आई गिरावट को चीनी निवेशकों ने सुनहरे अवसर में बदल दिया है। चीन ने जून 2026 के महीने में अकेले 173 टन से अधिक सोना आयात किया है। वहीं, साल 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में उसका कुल सोना आयात लगभग 820 टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले लगभग दोगुना है। इस रिकॉर्ड खरीदारी ने वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन देने की उम्मीदें जगा दी हैं।
चीन ने क्यों बढ़ाई सोने की खरीदारी?
चीन के इस बड़े खरीदारी अभियान के पीछे मुख्य वजह सोने की कीमतों में आई कमी है। चीनी निवेशकों और वाणिज्यिक बैंकों ने इसे भंडार बढ़ाने का एक शानदार मौका माना। खास बात यह है कि सिर्फ खुदरा निवेशक ही नहीं, बल्कि चीन के वाणिज्यिक बैंक भी विदेशों से बड़े पैमाने पर सोना खरीदने में जुटे हैं, ताकि मजबूत घरेलू मांग के बीच अपने भंडार को फिर से भरा जा सके। यह साफ संकेत है कि कीमतों में गिरावट से चीन का सोने पर भरोसा कम नहीं हुआ है, बल्कि कम कीमतों ने नए खरीदारों को बाजार में उतरने का मौका दिया है।
ETF निवेश में भी जबरदस्त उछाल
चीन में केवल भौतिक सोने (बिस्किट, सिक्के) की ही नहीं, बल्कि गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की मांग में भी तेजी से इजाफा हुआ है। साल 2026 में अब तक चीनी गोल्ड ETFs में 28 टन का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि चीनी निवेशक अब केवल भौतिक सोने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वित्तीय उत्पादों के माध्यम से भी सोने में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं।
रिकॉर्ड आयात के आंकड़े क्या कहते हैं?
साल 2026 की पहली छमाही में चीन का 820 टन सोना आयात इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा आयात स्तर है। गौरतलब है कि साल 2025 की पहली छमाही में रिकॉर्ड 830 टन सोने का आयात किया गया था। यानी चीन लगातार दूसरे साल पहली छमाही में रिकॉर्ड स्तर का सोना आयात कर रहा है। अगर यही रफ्तार बरकरार रही तो 2026 पूरे साल के आयात का नया ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बना सकता है।
वैश्विक सोने के बाजार पर क्या होगा असर?
चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। ऐसे में उसके आयात के आंकड़ों में आया यह उछाल अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट को सीधे प्रभावित करता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, चीन की इस रिकॉर्ड खरीदारी और मजबूत ETF निवेश से वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में अगर चीन का आयात इसी तरह बढ़ता रहा, तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है और कीमतें और बढ़ सकती हैं।