दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलज’ को OTT से हटाए जाने और भारत में बैन लगाए जाने से घमासान मचा हुआ है। फिल्म को रिलीज के दो दिन बाद ही अचानक OTT से हटा दिया गया।
3 जुलाई 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई इस फिल्म को 5 जुलाई को ही हटा लिया गया। खुद OTT प्लेटफॉर्म ने इसकी जानकारी दी और माफी मांगते हुए बताया कि अगले आदेश तक ‘सतलज’ को भारत में रिलीज नहीं किया जा सकेगा।
सरकारी अधिकारी ने बताई बैन की वजह
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि ‘सतलज’ के मेकर्स ने 2022 में ओरिजिनल टाइटल ‘पंजाब 95’ के तहत सेंसर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था, लेकिन CBFC के सुझाए 127 कट्स को स्वीकार नहीं किया और फिल्म की रिलीज रोक दी।
अधिकारी ने कहा, ‘मेकर्स ने उन कट्स को लेकर कुछ नहीं किया, और फिर आखिरकार चुपचाप फिल्म को एक नए टाइटल ‘सतलज’ के साथ OTT पर रिलीज कर दिया। जब मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो ZEE5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया। यह निर्देश सुरक्षा कारणों से दिया गया था।’
डायरेक्टर ने क्या कहा?
‘सतलज’ पर लगे बैन और OTT से इसे हटाए जाने से डायरेक्टर हनी त्रेहान भी शॉक में हैं। उन्होंने ‘मिड डे’ को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘अगर कोई मुझसे पूछे कि फिल्म से किसे दिक्कत थी, तो सच कहूं तो मुझे नहीं पता। न तो कोई चेहरा सामने आया, ना ही कोई नाम।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे मन में कभी कोई कड़वाहट नहीं रही। मैं खुद को यह भी याद दिलाता हूं कि मैं सिर्फ एक फिल्म की बात कर रहा हूं। देश चलाने वाले लोगों की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होती हैं। कभी-कभी शायद वो भी बेबस रहे होंगे।’
FWICE ने दिलजीत पर उठाए सवाल
इस बीच, FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ के फिल्मों के चुनाव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘मुझे बहुत हैरानी है कि दिलजीत दोसांझ विवादित फिल्में क्यों चुनते हैं। उन्हें ऐसे फैसलों के असर को समझना चाहिए।’
उन्होंने आगे कहा, ‘एक कलाकार का यह भी कर्तव्य है कि वह केवल पैसे या किसी अन्य कारण से फिल्में न करे। उसे देश को सबसे ऊपर रखना चाहिए।’
दिलजीत ने क्या कहा?
दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर लाइव सेशन में कहा, ‘मुझे इससे कोई हैरानी नहीं हुई। जब से फिल्म रिलीज हुई थी, तभी से मुझे पता था कि ऐसा होगा।’
उन्होंने बताया कि फिल्म को गुपचुप रिलीज करने की वजह यही थी, ‘किसी को बताए बिना अचानक ऐसा करना ही फिल्म को रिलीज करने का एकमात्र तरीका था। अगर हमने इसे दो दिन पहले भी प्रमोट किया होता, तो यह आप सभी तक नहीं पहुंच पाती।’
पंजाब की राजनीति में बवाल
‘सतलज’ को ZEE5 से हटाए जाने पर पंजाब की राजनीति बुरी तरह गरमा गई है। राज्य के बड़े राजनीतिक संगठनों ने तुरंत ही इस फिल्म को रिलीज बहाल करने की मांग की और इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा, सुखबीर सिंह बादल, अकाली दल के दलजीत सिंह चीमा और AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने भी इस फैसले की कड़ी निंदा की।
कौन थे जसवंत सिंह खालरा?
‘सतलज’ ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है। उन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों लावारिश लाशों के अंतिम संस्कार की जांच की थी।
1995 में उन्हें किडनैप कर लिया गया और मारकर नदी में फेंक दिया गया। 2005 में, पंजाब पुलिस के चार अफसरों को उनकी किडनैपिंग और हत्या का दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।