पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम पर हुई फायरिंग के ठीक 14 दिन बाद दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की CIU टीम ने एक मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साउथ दिल्ली में हुए एक मुठभेड़ के बाद आरोपी हकीकत और सागर को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं।
मुठभेड़ के दौरान आरोपियों के पैर में लगी गोली
पश्चिम विहार इलाके में ही दोनों शूटरों का एनकाउंटर हुआ। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है।
बीती रात एक और बड़ी वारदात को अंजाम देने के मकसद से दिल्ली में घूम रहे थे दोनों शूटर। जब उन्हें काबू करने की कोशिश की गई तो उन्होंने स्पेशल सेल की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी फायरिंग के बाद काबू किए गए
स्पेशल सेल काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने जवाबी फायरिंग के बाद दोनों को काबू किया। दोनों शूटरों के पास से पाकिस्तान मेड हथियार और एक बाइक भी बरामद की गई।
दोनों शूटर हरियाणा के सोनीपत इलाके के रहने वाले हैं। दोनों ने ही पश्चिम विहार इलाके में गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग की थी।
11 जून को हुआ था हमला
गौरतलब हो कि 11 जून 2026 को दिल्ली के पश्चिम विहार में गुरु रंधावा के जिम ’24 आवर्स फिटनेस’ पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं, जिसमें किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे मामले को अपने हाथों में लिया और इलाके की सुरक्षा बढ़ाई।
लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी
हमले के कुछ समय बाद, लॉरेंस गैंग ने इस सनसनीखेज फायरिंग की जिम्मेदारी ली। सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग उन्हीं की गैंग ने कराई।
एक वायरल ऑडियो क्लिप में भी कथित तौर पर किसी गैंग के सदस्य ने कहा कि गुरु रंधावा, सलमान खान के करीबी हैं इसलिए उनके खिलाफ यह एक्शन लिया गया है।
पुलिस ने तेजी से शुरू की जांच
इन दावों के बाद, दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच तेजी से शुरू कर दी। उन्होंने जिम के आसपास सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की और सबूत इकट्ठे करने शुरू किए।
जांच में सामने आया कि बाइक पर दो अज्ञात हमलावर सवार थे, जिन्होंने अपने चेहरे को कपड़े से ढका हुआ था। यह उनकी पहचान करने में बाधा बन रहा था।
17 जून को भी हुई थी गिरफ्तारी
इस घटना से ठीक 6 दिन बाद यानी 17 जून को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी अमन और तुषार, लॉरेंस गैंग से जुड़े हुए बताए गए थे।
पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों इस फायरिंग मामले में जुड़े थे। इसके बाद ही दिल्ली पुलिस ने उनके नेटवर्क और कनेक्शन्स की जांच तेजी से करनी शुरू की थी।
अब और कार्रवाई की उम्मीद
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। देखना है कि अब इस मामले में पुलिस आगे क्या एक्शन लेती है।
पुलिस को उम्मीद है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद और भी खुलासे होंगे और इस गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सकेगा।