79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का आगाज जोरदार ढंग से हो चुका है। इस इवेंट में बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट अपना जलवा बिखेर रही हैं। 12 मई को आलिया ने फ्रेंच रिवेरा में अपने दो बेहद कमाल के लुक्स से गजब ही ढा दिया। उन्हें मिंट बॉल गाउन और डिजाइनर टमारा राल्फ के बनाए पीच कलर के खूबसूरत गाउन में देखा गया। इसके अलावा वह भारत पविलियन के उद्घाटन के लिए साड़ी गाउन और पायल पहने भी नजर आईं। आलिया भट्ट के सभी लुक्स धड़ल्ले से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और उनकी जमकर तारीफ हो रही है।
लेकिन अपने फैशन स्टेटमेंट्स के अलावा एक्ट्रेस अपने ताजा बयानों की वजह से भी सुर्खियों में आ गई हैं। आलिया ने फीमेल सेंट्रिक फिल्मों के ग्लोबल सक्सेस पर अपने विचार रखते हुए भारत की मेल डोमिनेटेड फिल्म इंडस्ट्री की तुलना की। ‘बार्बी’, ‘द डेविल वेयर्स प्राडा 2’ और ‘वुथरिंग हाइट्स’ जैसी हालिया फीमेल सेंट्रिक फिल्मों की दुनियाभर में सफलता का जिक्र करते हुए आलिया भट्ट ने भारतीय बॉक्स ऑफिस के जेंडर डायनामिक्स पर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर्स अक्सर 75 प्रतिशत मेल दर्शकों (जिन्हें मास ऑडियंस कहा जाता है) को टारगेट करते हैं। द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बात करते हुए आलिया ने सवाल उठाया कि अगर फिल्में सिर्फ पुरुषों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, तो महिला दर्शकों की देखभाल कौन करेगा।
आलिया ने आगे कहा कि वह यह नहीं कह रही हैं कि पुरुषों को अलग-थलग किया जाए, लेकिन किसी को भी अलग क्यों करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि सिर्फ एक जेंडर को ही क्यों टारगेट किया जाए। उनके अनुसार, ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो जेंडर एग्नॉस्टिक हों, जहां कहानी सबसे महत्वपूर्ण हो। चाहे फिल्म में हीरो हो या हीरोइन, इससे मायने नहीं रखना चाहिए, सिर्फ कहानी मायने रखनी चाहिए।
हालांकि, उनका यह बयान न सिर्फ वायरल हुआ, बल्कि यूजर्स की आलोचना का भी शिकार बन गया। कई यूजर्स ने आलिया पर ‘पाखंडी’ रवैया अपनाने का आरोप लगाया। यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक्ट्रेस ने अपने पति रणबीर कपूर की 2023 में आई फिल्म ‘एनिमल’ का खुलकर समर्थन किया था, जो टॉक्सिक मैस्क्युलिनिटी के बारे में थी। एक वायरल पोस्ट में लिखा था कि आलिया भट्ट, रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ की सबसे बड़ी चीयरलीडर बनी रहीं, जबकि वह सबसे ज्यादा महिला-विरोधी फिल्म थी। एक अन्य यूजर ने लिखा कि जब उनके पति ने मेल-सेंट्रिक, सबसे खराब और महिला-विरोधी फिल्म बनाई, तब यह सोच कहां गई थी।
कुछ यूजर्स ने आलिया भट्ट पर सेलेक्टिव आलोचना का आरोप भी लगाया। एक यूजर ने कमेंट किया कि यह सब कहना और फिर खुलकर अपने पति की ‘एनिमल’ को प्रमोट करना पाखंड है। दूसरे ने लिखा कि अपने घर से बदलाव शुरू करो लड़की। कुछ ने तो कहा कि आलिया, अपने घर की ओर देखो, तुम्हारा पति खुद बॉलीवुड में महिला-विरोधी प्रचार का सबसे बड़ा झंडाबरदार है।
इसके अलावा इंटरनेट ने आलिया भट्ट पर ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी का जिक्र न करने का भी आरोप लगाया। रणवीर सिंह और आदित्य धर की यह फिल्म 2025 में 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुकी है, जबकि 2026 में आया इसका सीक्वल ग्लोबली 1800 करोड़ रुपये के करीब पहुंच रहा है। एक यूजर ने कमेंट किया कि ‘धुरंधर’ का हिस्सा न बन पाने की जलन अब आलिया भट्ट में दिखने लगी है। सोशल मीडिया का एक हिस्सा आलिया पर परफॉर्मेटिव एक्टिविज्म का आरोप भी लगा रहा है।
इन सबके बीच आलिया के फैंस जी-जान से उन्हें डिफेंड करने में लगे हैं। एक सपोर्टर ने लिखा कि वह गलत नहीं हैं, ज्यादातर सिनेमा दर्शक पुरुष हैं और फिल्में उन्हीं को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। दूसरे ने कमेंट किया कि अगर भारतीय महिलाओं को पुरुषों जितनी नौकरियां और आजादी मिले और वे पुरुषों की तरह सिनेमाघर जाएं, तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री काफी अलग होती। कान्स फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट के अलावा अभी कई बड़ी हसीनाओं को शिरकत करते देखा जाने वाला है।