विजय सेतुपति (Vijay Sethupathi) एक बार फिर अपनी जबरदस्त एक्टिंग के साथ ओटीटी (OTT) की दुनिया में लौट आए हैं। उनकी नई क्राइम-थ्रिलर (crime-thriller) वेब सीरीज ‘काटान’ (Kaattaan) 27 मार्च (March 27) को JioHotstar पर स्ट्रीम (stream) हो चुकी है।
10 एपिसोड्स (10 episodes) की यह सीरीज तमिल के अलावा हिंदी, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ जैसी भाषाओं में भी उपलब्ध है।
क्या है सीरीज की कहानी?
कहानी की शुरुआत तमिलनाडु के मदुरै के पास एक छोटे से गांव से होती है। यहां का थाना पिछले तीन साल से खाली पड़ा है, क्योंकि वहां कोई केस ही नहीं आया। प्रशासन इस थाने को बंद करने की तैयारी में है, लेकिन तभी गांव के पास एक पहाड़ी पर एक कटा हुआ सिर (severed head) मिलता है।
कांस्टेबल कालाई पांडियन (वडिवेल मुरुगन) को जब यह सिर मिलता है, तो वह इसे अपने अधिकार क्षेत्र में ले आता है ताकि केस की जांच के बहाने उसका थाना बंद न हो। यहीं से शुरू होती है मुथु (Muthu) (विजय सेतुपति) की पहचान की तलाश। पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली यह है कि जिस इंसान का सिर कलम किया गया, वह आखिरी वक्त में मुस्कुरा (smiling at the last moment) क्यों रहा था?
20 साल का लंबा सफर
यह सीरीज सिर्फ एक कत्ल की गुत्थी नहीं है, बल्कि यह 1997 से लेकर 2017 तक के 20 सालों (20 years journey) के लंबे सफर को दिग्गजाती है। कहानी तमिलनाडु की गलियों से निकलकर केरल के जंगलों और फिर मुंबई के खतरनाक अंडरवर्ल्ड (Mumbai underworld) तक जा पहुंचती है।
काटान वेब सीरीज कैसी है? (3.5 स्टार)
पेशेवर:
- विजय सेतुपति की एक्टिंग: उन्होंने साबित कर दिया है कि वह सादगी के साथ पर्दे पर जान फूंकना जानते हैं। उनकी चाल-ढाल और डायलॉग डिलीवरी बेहद रियलस्टिक (realistic) है।
- मिलिंद सोमन: ‘शिवेट्टन’ के किरदार में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है और उनका अंडरवर्ल्ड कनेक्शन कहानी में नया मोड़ लाता है।
- पुलिस टीम: वडिवेल मुरुगन, मुथुकुमार और सिंगमपुली ने न केवल सीरियस इन्वेस्टिगेशन को संभाला, बल्कि कॉमेडी (comedy) का तड़का भी लगाया।
- डायरेक्शन: एम. मणिकंदन और बी. अजित कुमार के डायरेक्शन में बनी ‘काटान’ की सबसे खास बात यह है कि जब आप इसे देखने बैठते हैं तो आप भी उस कहानी का हिस्सा बन जाते हैं।
कमजोरियां:
- लंबाई (Length): 10 एपिसोड की यह सीरीज कई जगहों पर काफी खिंची हुई (dragged) लगती है।
- धीमी पेस (Slow Pace): कहानी को बेवजह लंबा किया गया है, जिससे पेस थोड़ी धीमी पड़ जाती है।
- उलझा प्लॉट: कहीं-कहीं पर प्लॉट इतना उलझ जाता है कि उसे समझना मुश्किल हो जाता है।
क्या आपको देखनी चाहिए?
अगर आप विजय सेतुपति (Vijay Sethupathi) के फैन हैं और आपको ऐसी क्राइम मिस्ट्री (crime mystery) पसंद है जो धीरे-धीरे अपनी परतें खोलती है, तो ‘काटान’ आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है। हालांकि, इसके लिए आपको थोड़ा धैर्य (patience) रखना होगा क्योंकि कहानी काफी बड़ी है।
कुल मिलाकर, यह एक ऐसी थ्रिलर (thriller) है जो अपनी खामियों के बावजूद अपनी यूनिक कहानी और विजय सेतुपति की परफॉर्मेंस की वजह से देखी जा सकती है (watchable) ।