मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण जंग के बीच अमेरिकी प्रशासन के एक बड़े मंत्री के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। दो महीने पहले तक अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) भारत पर निशाना साधते हुए रूसी तेल की खरीद को लेकर लगाए गए 50% US टैरिफ (US Tariff) को सही ठहरा रहे थे, लेकिन अब उनका लहजा बदल गया है।
मिडिल ईस्ट जंग के बीच बड़ा बयान
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए नया बयान दिया है, जो उनके दो महीने पहले के तेवरों से बिल्कुल अलग है। बेसेंट, जो पहले भारत पर निशाना साध रहे थे और हाई टैरिफ को सही करार दे रहे थे, अब ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन (Trump Administration) द्वारा बड़े कंज्यूमर देशों को दूसरे सोर्स खोजने के लिए बढ़ावा देने की नीति को सही ठहराते नजर आ रहे हैं।
‘हम सबसे बड़े उत्पादकों के साथ मिलकर कर रहे काम’
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपनी पोस्ट में लिखा, “US दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर इकोनॉमी है और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े प्रोड्यूसर, कंज्यूमर और रिफाइनर के साथ मिलकर एनर्जी मार्केट में स्थिरता (stability in energy markets) बनाए रखने के लिए काम कर रहा है, जबकि हम अपनी सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए खतरों को खत्म कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह एक साझा मकसद है और वे इस लक्ष्य को साझा करने वाले अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को धन्यवाद देते हैं।
ऐसे भारत पर साधते रहे थे निशाना
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने ट्रंप टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है, लेकिन इससे पहले बीते साल भारत पर लगाए गए 50 फीसदी के हाई टैरिफ को लेकर स्कॉट बेसेंट लगातार निशाना साधते हुए नजर आ रहे थे। उन्होंने ट्रंप के सुर में सुर मिलाकर कहा था कि रूस से तेल खरीद कर भारत यूक्रेन युद्ध (Ukraine war) में रूसी को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है।
दावोस में भी दी थी धमकी
दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF Davos 2026) में भी उन्होंने रूसी तेल खरीदने वाले देशों के बारे में खुलकर बात की थी। एक इंटरव्यू के दौरान बेसेंट ने बड़ी धमकी देते हुए कहा था कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा सीनेट के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में रूसी तेल खरीदना जारी रखने वालों को 500% टैरिफ (500% Tariff) लगाकर दंडित करने का प्रावधान है। हालांकि, अब टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और बदले हालात के बीच उनके सुर बदल गए हैं।