भारत की प्रमुख तेल और गैस कंपनी ONGC Videsh Ltd (OVL) का वेनेजुएला में तेल प्रोजेक्ट्स में निवेश है, जिसमें सबसे अहम है San Cristobal फील्ड, जहाँ OVL का 40% हिस्सा है और मुख्य भागीदार Petróleos de Venezuela, S.A. (PdVSA) है. वेनेजुएला की आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं और अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण, इस हिस्सेदारी से उत्पन्न होने वाला डिविडेंड लगभग $600 मिलियन (करीब ₹5,000 करोड़) से अधिक वर्षों से भुगतान के लिए फंसा हुआ है और OVL को प्राप्त नहीं हुआ है.
बातचीत क्यों चल रही है?
अब भारत, वेनेजुएला और संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के बीच इस फंसे हुए भुगतान को लेकर सरकार-स्तर की बातचीत जारी है. अधिकारी बताते हैं कि आर्थिक प्रतिबंधों की स्थिति और वेनेजुएला के तेल क्षेत्र की नीतियाँ बदलने की संभावना के मद्देनज़र तीनों देशों के अधिकारी इस मुद्दे को सुलझाने की दिशा में चर्चा कर रहे हैं. मंत्रीस्तरीय बातचीत में OVL के पुराने डिविडेंड भुगतान को कैसे जारी किया जा सके, इस पर ज़ोर है.
संयुक्त राज्य अमेरिका की भूमिका
अमेरिका ने पिछले कुछ समय में वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए थे, जिससे वहां के ऑपरेशन्स प्रभावित हुए और भुगतान भेजने पर प्रतिबंध लग गया. इन प्रतिबंधों के कारण OVL अपने हिस्से का पैसा प्राप्त नहीं कर पाई. अब संभवतः प्रतिबंधों में नरमी, राजनीतिक बदलाव या नई अनुमति से यह पैसा वापस मिल सकता है.
कंपनी के प्रोजेक्ट्स और निवेश
वेनेजुएला में ONGC Videsh के निवेश में दो प्रमुख हिस्से शामिल हैं:
- San Cristobal Oilfield — OVL का लगभग 40% हिस्सा
- Carabobo-1 Heavy Oil Project — OVL का लगभग 11% हिस्सा, जिसमें Indian Oil Corporation (IOC) और Oil India Ltd (OIL) भी सह-भागी हैं.
इन हिस्सों से उत्पन्न राजस्व और भुगतान वेनेजुएला की आर्थिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण अब तक भारत को नहीं मिल पाए हैं.
डिविडेंड वापस मिलने से क्या होगा?
विश्लेषकों और औद्योगिक स्रोतों का मानना है कि यदि भुगतान और राजस्व सामान्य रूप से बहाल हो जाते हैं — विशेषकर अगर प्रतिबंधों में ढील दी जाती है या राजनीतिक परिवर्तनों के बाद नए प्रबंधन के तहत वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को स्थिरता मिलती है — तो भारत को ओवरसेज़ निवेश से वर्षों का बकाया पैसा वापस मिल सकता है. इससे कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत होगी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.