एक तरफ लोग रंगों में सराबोर थे, दूसरी तरफ खबर आई कि मार्च के सबसे बड़े फिल्मी इवेंट का रंग थोड़ा फीका हो गया है। 19 मार्च को ईद (Eid) पर ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) बनाम ‘टॉक्सिक’ (Toxic) क्लैश के लिए माहौल पूरी तरह सेट था। लेकिन होली के दिन यश (Yash) ने वही घोषणा कर दी, जिसकी आशंका पहले से थी— ‘टॉक्सिक’ टल गई है और अब 4 जून 2026 को रिलीज होगी।
‘टॉक्सिक’ के टलने की ऑफिशियल वजह
यश ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए बयान में कहा कि मिडिल ईस्ट (Middle East) में ईरान पर छिड़े युद्ध की वजह से जो माहौल है, उसके चलते ‘टॉक्सिक’ टाली जा रही है। मेकर्स का कहना था कि इस स्थिति की वजह से ‘बड़ी से बड़ी जनता तक पहुंचने’ का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। इसलिए दर्शकों के हित को देखते हुए फिल्म को आगे के लिए टाल दिया गया।
क्या सच में यश डर गए?
दिसंबर 2025 में जब ‘धुरंधर 2’ के मेकर्स ने ईद की रिलीज डेट का ऐलान किया, तभी से इस क्लैश की चर्चा शुरू हो गई थी। ‘टॉक्सिक’ की रिलीज डेट 19 मार्च पहले से तय थी। ‘टॉक्सिक’ के टीजर का तेवर ऐसा था मानो यश क्लैश के लिए ताल ठोंक रहे हों। इसलिए उनके पीछे हटने को लोग ‘धुरंधर 2’ का डर बता रहे हैं।
लेकिन क्या सच में ऐसा है? या फिर यश ने फिल्म के भविष्य के लिए एक स्मार्ट फैसला लिया है?
‘टॉक्सिक’ के लिए फायदेमंद होगा रिलीज टालना
यश के धमाकेदार स्टारडम का अभी तक सिर्फ एक ही सबूत है— KGF 2। लेकिन ‘टॉक्सिक’ कितनी भी बड़ी फिल्म हो, KGF 2 नहीं है। KGF 2 एक सीक्वल थी और उसका इंतजार दर्शक चार सालों से कर रहे थे। दूसरी तरफ, ‘टॉक्सिक’ की कहानी और यश के किरदार को लेकर दर्शकों में अभी वैसी दीवानगी नहीं है। टीजर और फर्स्ट लुक को पॉजिटिव रिएक्शन तो मिला है, लेकिन यश के इस नए संसार के लिए दर्शक उतने श्योर नहीं हैं, जितने KGF के लिए थे।
इसलिए ‘टॉक्सिक’ के लिए ‘धुरंधर 2’ जैसी बड़ी फिल्म के सामने आना बहुत घातक हो सकता था। रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म के लिए दर्शक 150% पॉजिटिव हैं।
‘छावा’ का उदाहरण
क्लैश से बचकर ही विक्की कौशल (Vicky Kaushal) की ‘छावा’ (Chhaava) ब्लॉकबस्टर बनी थी। ‘छावा’ 6 दिसंबर 2024 को रिलीज होनी थी, लेकिन अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की ‘पुष्पा 2’ (Pushpa 2) 5 दिसंबर को आ रही थी। ‘छावा’ के मेकर्स ने क्लैश में जबरदस्ती घुसने की बजाय दो महीने बाद फरवरी में रिलीज की और फिल्म साल की सबसे बड़ी बॉलीवुड फिल्म बन गई।
अगर ‘छावा’ के मेकर्स जिद पर अड़े रहते और ‘पुष्पा 2’ के एक दिन बाद ही फिल्म लेकर आते, तो उनका क्या हश्र होता, यह समझना मुश्किल नहीं है। इसलिए ‘टॉक्सिक’ को जून के लिए टालना असल में एक स्मार्ट फैसला (smart decision) है, न कि डर का नतीजा। बजाय इसके कि मेकर्स और यश ईगो की लड़ाई में जबरदस्ती ‘धुरंधर 2’ से भिड़ने पर अड़े रहते। अब देखते हैं कि ‘टॉक्सिक’ 4 जून को क्या धमाका करती है।