एसएमडब्ल्यू मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्रस्तुत गीत ‘तू मेरी’ के साथ संगीतकार, गायक और निर्देशक नितेश तिवारी एक बार फिर अपने विशिष्ट रोमांटिक अंदाज़ में श्रोताओं के सामने आए हैं। वैलेंटाइन स्पेशल के रूप में तैयार किया गया यह गीत प्रेम की सरल, सच्ची और निश्छल भावना को व्यक्त करता है।
सुकून भरे दृश्यों में सजी प्रेम कहानी
गीत के वीडियो में नितेश तिवारी के साथ अनाम मजूमदार नजर आती हैं। दोनों की सहज और भावपूर्ण अदायगी गीत की भावनात्मक गहराई को और मजबूत बनाती है। सिक्किम की शांत और मनोहारी वादियों में फिल्माए गए दृश्य गीत के मिज़ाज के अनुरूप हैं, जो दर्शकों को एक सुकून भरा और आत्मीय अनुभव प्रदान करते हैं।
व्यक्तिगत जुड़ाव से सशक्त हुआ गीत
‘तू मेरी’ की खास बात यह है कि नितेश तिवारी ने इस परियोजना में गायक, संगीतकार और निर्देशक—तीनों भूमिकाएं निभाई हैं। इससे गीत में एक निजी स्पर्श और भावनात्मक ईमानदारी झलकती है।
गीत के बोल कासिम हैदर कासिम ने लिखे हैं, जिनकी काव्यात्मक शैली प्रेम को कोमलता और गहराई के साथ अभिव्यक्त करती है। शब्द और धुन का यह संयोजन गीत को आत्मीय और यादगार बनाता है।
संगीत संयोजन और लाइव वाद्ययंत्रों की खासियत
गीत की ध्वनि गुणवत्ता को भास्कर शर्मा के मिक्सिंग और मास्टरिंग ने निखारा है। लाइव वाद्ययंत्रों का प्रयोग इसकी आत्मा को और प्रखर बनाता है—
- ढोलक: श्रीधर चारी और शराफत अली
- गिटार और बास: प्रतीक
- हारमोनियम: नितेश तिवारी
इन वाद्ययंत्रों की संगति से तैयार धुन में गर्माहट, आत्मीयता और कालातीत आकर्षण महसूस होता है।
टीमवर्क से साकार हुआ प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट की निर्माता नेहा देहरिया हैं, जिनके नेतृत्व में एसएमडब्ल्यू मीडिया एंड एंटरटेनमेंट गुणवत्ता-आधारित स्वतंत्र संगीत सामग्री प्रस्तुत कर रहा है।
आनंद मिश्रा कार्यकारी निर्माता के रूप में जुड़े हैं, जबकि निलेश तिवारी ने सह-निर्देशक की भूमिका निभाई है। पूर्व और पश्चात निर्माण का कार्य एन आर टी एंटरटेनमेंट ने संभाला, वहीं कैमरा और उपकरण सहयोग भारत वीडियो (एचपी एंड कंपनी) द्वारा प्रदान किया गया।
निरंतरता और पहचान
नितेश तिवारी इससे पहले ‘अरज़ियां’, ‘नादान दिल’, ‘दिल फरेबी’, ‘आशिक तेरा’ और ‘हमदर्दियां’ जैसे गीतों से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। ‘इज़हार-ए-इश्क’ जैसे एल्बम और ‘सूफी रॉक सीज़न 1’ जैसे प्रोजेक्ट्स में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
‘तू मेरी’ उन्हीं की उस रचनात्मक परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें प्रेम, संगीत और संवेदनशील कहानी कहने की शैली प्रमुख है।