मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर संकट गहराता जा रहा है। इसका असर अब भारतीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। ओडिशा (Odisha) के भुवनेश्वर (Bhubaneswar) का रहने वाला एक युवक बीते 20 दिनों (20 days) से खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के बीच यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में फंसा हुआ है। उसके परिवार वालों की चिंता बढ़ती जा रही है।
कौन है फंसा युवक और कहां है वह?
भुवनेश्वर के रहने वाले अशोक दीक्षित (Ashok Dixit) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बीच समुद्र में फंसे हुए हैं। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्गों (critical sea route) में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक जहाजों का आवागमन होता है। लेकिन हाल के दिनों में यहां सुरक्षा हालात बेहद खराब हो गए हैं।
20 से अधिक भारतीय जहाज फंसे
अशोक दीक्षित उन कई भारतीय नाविकों (Indian seafarers) में शामिल हैं, जो अलग-अलग शिप पर तैनात हैं और मौजूदा संकट के चलते समुद्र में ही फंसे हुए हैं। क्षेत्र में जारी संघर्ष और लगातार हो रहे मिसाइल व ड्रोन हमलों (missile and drone attacks) के कारण कई कॉमर्शियल शिप की आवाजाही ठप हो गई है। सुरक्षा कारणों से शिप को समुद्र में ही लंगर डालकर रुकना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में 20 से ज्यादा इंडियन शिप (more than 20 Indian ships) इस समय फंसे हुए हैं, जिन पर सवार टीम लगातार असुरक्षा और अनिश्चितता में है।
परिवार की बढ़ती चिंता और सरकार से गुहार
अशोक दीक्षित के परिवार के लिए यह समय बेहद मुश्किल है। भुवनेश्वर में रह रहे उनके परिजन लगातार उनकी सलामती को लेकर परेशान हैं। परिवार ने सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर अशोक और अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। परिवार का कहना है कि पिछले 20 दिनों से वे हर पल किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
अशोक ने भी मदद की अपील की
परिजनों के मुताबिक, अशोक ने खुद भी मैसेज भेजकर अपनी स्थिति के बारे में बताया है और सरकार से मदद की अपील की है। उसने परिजनों को बताया है कि हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और किसी भी समय स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में जल्द से जल्द रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operation) शुरू करना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह का संकट वैश्विक स्तर पर असर डालता है। यहां होने वाली किसी भी हलचल का सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और व्यापार पर पड़ता है। इस घटनाक्रम ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। समुद्र में लंबे समय तक फंसे रहने से न केवल मानसिक तनाव बढ़ता है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में मदद मिलने में भी देरी हो सकती है।
अशोक दीक्षित का परिवार हर दिन उम्मीद और डर के बीच जी रहा है, कि कब उनका बेटा सुरक्षित घर लौटेगा।