इंदौर (Indore) के सांवेर रोड (Sanwer Road) स्थित इंडस्ट्रियल इलाके में एक स्क्रैप प्लास्टिक गोदाम (plastic warehouse) में भीषण आग (massive fire) लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना बाणगंगा (Banganga) थाना क्षेत्र की है, जहां ‘गौरी प्लास्टिक’ (Gauri Plastic) नाम के गोदाम में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
धुएं से महिलाएं हुईं बेहोश
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। घटना के दौरान आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोदाम के पास स्थित घरों में रहने वाली महिलाओं को धुएं (smoke) के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ महिलाएं बेहोश (women fainted) भी हो गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि (no casualty) नहीं हुई है।
पांच दमकल गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग (fire department) की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब पांच फायर ब्रिगेड वाहनों (five fire brigade vehicles) की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बताया जा रहा है कि गोदाम में प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा कर प्रोसेस (processed) किया जाता था, जिससे आग तेजी से फैल गई और स्थिति गंभीर हो गई।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट (short circuit) को संभावित वजह माना जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच (investigation) में जुटे हुए हैं।
प्रशासन ने बुलाई आपात बैठक
इससे पहले इंदौर में बृजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी (Brajeswari Annexe) और सांवेर रोड पर हुई आगजनी की घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर (Collector) ने अवकाश के दिन ही आकस्मिक बैठक (emergency meeting) बुलाई। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त (Municipal Commissioner) सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान फायर सेफ्टी (fire safety) व्यवस्थाओं को मजबूत करने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सोमवार से जनजागरूकता अभियान
प्रशासन ने तय किया है कि सोमवार से पूरे इंदौर जिले में फायर सेफ्टी को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान (awareness campaign) चलाया जाएगा। इसके तहत आम लोगों और भवन संचालकों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो भी भवन संचालक फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई (strict action) की जाएगी।