भारतीय वायुसेना (IAF) 27 फरवरी को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘वायु शक्ति 2026’ नाम से एक विशाल सैन्य अभ्यास करने जा रही है। यह इलाका पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित है, जिससे इस अभ्यास का सामरिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना अपनी मारक क्षमता, सटीक निशाना साधने की ताकत और आधुनिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेगी। इसे हाल के वर्षों के सबसे बड़े एयर पावर डेमो में से एक माना जा रहा है।
77 फाइटर जेट और 120 से ज्यादा सैन्य संसाधन शामिल
वायु शक्ति 2026 में कुल 77 लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। इनमें प्रमुख रूप से:
- राफेल
- सुखोई-30 एमकेआई
- मिग-29
- तेजस
- मिराज-2000
- जगुआर
इसके अलावा 43 हेलीकॉप्टर, 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और कई एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल होंगे। इस तरह कुल मिलाकर 120 से अधिक सैन्य संसाधन इस अभ्यास का हिस्सा बनेंगे।
ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में आधुनिक C-295 जैसे विमान भी शामिल रहेंगे। वहीं, सतह से हवा में मार करने वाली आकाश और स्पाइडर मिसाइल सिस्टम भी अपनी क्षमता दिखाएंगे।
23 टारगेट पर 277 हथियारों से हमला
करीब 2 घंटे 35 मिनट तक चलने वाले इस अभ्यास में वायुसेना 23 अलग-अलग टारगेट को निशाना बनाएगी। इन टारगेट्स पर कुल 277 हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस दौरान लगभग 12,000 किलोग्राम (NEQ) विस्फोटकों का उपयोग किया जाएगा। टारगेट्स में जमीनी संरचनाएं, नकली दुश्मन ठिकाने और सामरिक लोकेशन शामिल होंगी, जिससे वास्तविक युद्ध जैसी स्थिति का अभ्यास किया जा सके।
आधुनिक युद्ध रणनीति और ऑपरेशन आधारित ड्रिल
इस अभ्यास में हाल के अभियानों से जुड़े अनुभवों को भी शामिल किया जाएगा। वायुसेना दिन और रात दोनों समय की परिस्थितियों में ऑपरेशन करने की क्षमता का प्रदर्शन करेगी।
इसका उद्देश्य सिर्फ ताकत दिखाना नहीं, बल्कि सटीक हमला, समन्वित कार्रवाई और त्वरित प्रतिक्रिया जैसी क्षमताओं को परखना भी है। आधुनिक युद्ध में मल्टी-डोमेन ऑपरेशन और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर की अहमियत को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास तैयार किया गया है।
रणनीतिक संदेश भी साफ
पाकिस्तान सीमा के पास इस तरह का व्यापक सैन्य अभ्यास भारत की सुरक्षा प्रतिबद्धता और मजबूत रक्षा तैयारी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वायु शक्ति’ जैसे अभ्यास न सिर्फ सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करते हैं, बल्कि संभावित दुश्मनों को भी स्पष्ट संदेश देते हैं कि भारत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
IAF की ताकत का सार्वजनिक प्रदर्शन
‘वायु शक्ति’ अभ्यास को पारंपरिक रूप से भारतीय वायुसेना की क्षमताओं के सार्वजनिक प्रदर्शन के रूप में देखा जाता है। इसमें आमंत्रित अतिथियों और रक्षा विशेषज्ञों के सामने लाइव फायरिंग और मिशन सिमुलेशन किया जाता है।
वायुसेना के इस अभ्यास से साफ है कि भारत अपनी हवाई ताकत को और आधुनिक बना रहा है और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार है।