90 के दशक की चमकदार अभिनेत्री दिव्या भारती सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में अचानक अपनी जीवनयात्रा खो बैठीं, लेकिन उनके जीवन के अनकहे पहलू आज भी चर्चा में बने हुए हैं। अपने करीबी दोस्त और पूर्व बाल कलाकार मास्टर राजू श्रेष्ठ ने हाल ही में दिव्या की निजी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ चौंकाने वाली बातें साझा की हैं।
सफलता के बावजूद निजी जीवन में अकेलापन
दिव्या भारती ने अपने करियर की शुरुआत 1990 में तेलुगु फिल्मों से की थी और 1992 में हिंदी फिल्मों में कदम रखा था। बेहद कम समय में उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की और अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बना ली। लेकिन इसी ग्लैमर के बीच उन्हें अपने व्यक्तिगत रिश्तों में संतोष नहीं मिला।
मास्टर राजू के अनुसार दिव्या अपने निजी रिश्तों को लेकर “खुश नहीं” थी। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्या को यह महसूस होता था कि उनके कुछ जानकार उनके पैसे और शोहरत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वह अकेला और दुखी महसूस करती थीं। हालांकि दिव्या अपने करियर के प्रति उत्साहवती और समर्पित थीं, पर निजी रिश्तों के बारे में उनकी भावनाएं जटिल थीं।
करियर और प्रसिद्धि के बीच की उलझन
दिव्या भारती को उनके समय की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्री में से एक माना जाता था। सिर्फ तीन वर्षों के करियर में उन्होंने 22 से अधिक फिल्मों में काम किया और लोगों की पसंद बन गईं। उनके प्रति लोगों की अपेक्षाएं और भी तेज़ी से बढ़ रही थीं, लेकिन उसी के बीच उनका निजी संघर्ष भी गहरा होता गया।
मास्टर राजू ने याद करते हुए कहा कि दिव्या को अपने काम से खुशी मिलती थी, लेकिन निजी संबंधों और रिश्तों में उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही थी। कभी-कभी उन्हें यह कड़वा अहसास होता था कि लोग उनके आसपास सिर्फ उनके fame और wealth के कारण हैं, न कि अपने सच्चे दिल से।
उनकी मौत ने सबको हैरान कर दिया
दिव्या भारती का निधन 5 अप्रैल 1993 को हुआ, जब वह अपने मुंबई स्थित अपार्टमेंट की पांचवीं मंज़िल से गिर गईं। उस समय उनकी उम्र केवल 19 वर्ष थी। यह हादसा फिल्म जगत और उनके चाहने वालों के लिए एक बड़ा सदमा था।
राजू श्रेष्ठ भी उसी घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचे लोगों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि दिव्या का तेज़ी से बढ़ता करियर और पॉपुलैरिटी कुछ विषम व्यक्तिगत संघर्षों के बावजूद भी जारी था।
यादों में रह गईं दिव्या
दिव्या भारती की याद आज भी उनके चाहने वालों के दिलों में जिंदा है। उनकी फिल्मों और अभिनय के शानदार योगदान को आज भी सराहा जाता है। उनके अचानक चले जाने का दुख और उनके निजी जीवन की जटिलताओं को जानकर कई लोग हैरान भी हैं।