मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) के फंदा क्षेत्र के किसान रामसिंह कुशवाहा (Ramsingh Kushwaha) आज प्रदेश के लाखों किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। कभी धान, गेहूं और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने वाले रामसिंह ने आधुनिक बागवानी और तकनीक के सहारे अपनी किस्मत बदल डाली। आज वे हर दिन हजारों फूल बेचकर लाखों रुपये सालाना कमा रहे हैं।
बागवानी मिशन ने बदली जिंदगी
रामसिंह बताते हैं कि सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन (Integrated Horticulture Development Mission) योजना उनके लिए वरदान साबित हुई। साल 2023-24 में उन्होंने एक एकड़ में पॉलीहाउस (Polyhouse) बनवाया और उसमें गुलाब, जरबेरा (Gerbera) और गेंदा के करीब 30 हजार पौधे लगाए।
सेंसर आधारित ऑटोमेशन सिस्टम से हाईटेक खेती
रामसिंह ने अपनी खेती को पूरी तरह वैज्ञानिक बना दिया है। उन्होंने पॉलीहाउस में 4 लाख रुपये की लागत से ‘सेंसर आधारित ऑटोमेशन सिस्टम’ (Sensor Based Automation System) लगवाया है, जिस पर सरकार ने उन्हें 2 लाख रुपये की सब्सिडी दी। यह सिस्टम चौबीसों घंटे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पौधों को जरूरत के अनुसार सटीक मात्रा में पानी, खाद और दवाइयां देता है। इससे लागत में कमी आई है और फूलों की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार हुआ है।
रोजाना 6 हजार रुपये की कमाई
रामसिंह वर्तमान में हर दिन 1500 से 2000 जरबेरा और कुल 4000 कट फ्लावर (Cut Flowers) प्राप्त कर रहे हैं। फूलों की बिक्री से उन्हें हर दिन 4 से 6 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। यानी हर महीने लगभग डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा की कमाई।
दिल्ली, जयपुर, लखनऊ तक है डिमांड
रामसिंह के पॉलीहाउस में उगे फूलों की मांग सिर्फ भोपाल में ही नहीं, बल्कि लखनऊ (Lucknow), दिल्ली (Delhi) और जयपुर (Jaipur) जैसे बड़े शहरों में भी है। वे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं, जिससे पानी की भारी बचत हो रही है।
सरकार का जताया आभार
मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए रामसिंह कहते हैं, “सरकारी योजनाओं ने हमें आत्मनिर्भर बनाया और समाज में एक नई पहचान दी है।” उनकी यह सफलता साबित करती है कि यदि किसान नई तकनीक और सरकारी सहयोग का सही तालमेल बिठाएं, तो खेती सबसे लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।