नई दिल्ली | नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें उनके दोस्त ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से जानते हैं, की एक अनोखी पहल की जमकर तारीफ की है। सुरेंद्र ने अजनार नदी (Ajnar River) को कचरे से मुक्त करने का बीड़ा उठाया, जब उन्होंने देखा कि यह नदी कचरे की परतों (Garbage Layers) से अटी पड़ी है। NMCG ने उनके ‘पहले और बाद’ (Before and After) के दृश्यों वाला एक वीडियो शेयर कर कहा कि उनके इस बिना किसी दिखावे के काम (Selfless Work) ने दूसरों को भी आगे आने के लिए प्रेरित किया है।
क्या है पूरा मामला?
- बिट्टू तबाही की पहल: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को सुरेंद्र ने जब अजनार नदी को कचरे के नीचे दबते देखा, तो उन्होंने बिना कोई शिकायत, बिना कोई याचिका और बिना अधिकारियों के कार्रवाई का इंतजार किए खुद ही नदी में उतरकर उसे साफ करना शुरू कर दिया।
- सोशल मीडिया पर प्रभाव: सुरेंद्र के इंस्टाग्राम (Instagram) पर 17 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहाँ वे अक्सर नदी की सफाई के वीडियो पोस्ट करते हैं।
- NMCG की प्रतिक्रिया: NMCG ने कहा, “बिट्टू तबाही ने किसी ट्रेंड का पालन नहीं किया, उनके कामों ने दूसरों को आगे आने के लिए प्रेरित किया।” मिशन ने कहा कि भारत में नदियों के लिए संसाधनों या नीतियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन सुरेंद्र जैसे और युवाओं की जरूरत है जो झुककर कचरा उठाने और खुद काम शुरू करने के लिए तैयार हों।
क्यों है यह पहल खास?
- अकेले की गई सफाई: उन्होंने अकेले ही इस मुश्किल काम की शुरुआत की और अपने प्रयासों से नदी की स्थिति में सुधार लाया।
- प्रेरणा का स्रोत: NMCG का कहना है कि सुरेंद्र की कहानी ने देश भर के लोगों का ध्यान खींचा है और जल सुरक्षा (Water Security) के लिए प्रेरणा की एक लहर पैदा की है।