चित्रकूट में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के गैंगरेप की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के 48 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया है।
कैसे हुई वारदात?
बीते 22 जुलाई 2026 की दोपहर NEET की तैयारी करने वाली 20 वर्षीय छात्रा अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ बाइक से देवांगना एयरपोर्ट के पास स्थित जंगल घूमने गई थी।
दोनों जंगल की झाड़ियों में बैठे हुए थे, तभी एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवक वहां आ धमके। आरोपियों ने खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
मारपीट और गैंगरेप की घटना
आरोपियों ने पैसों की मांग की और जब पीड़ित पक्ष ने पैसे देने से मना किया, तो उनके साथ मारपीट की। इसके बाद हमलावरों ने 17 वर्षीय लड़के के हाथ-पैर बांधकर उसे एक आरोपी की निगरानी में बैठा दिया।
दो आरोपी छात्रा को घसीटते हुए झाड़ियों के अंदर ले गए और बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया। विरोध करने पर पीड़िता की बेरहमी से पिटाई भी की गई।
112 पर दी सूचना, आरोपी फरार
वारदात को अंजाम देने के बाद जब पीड़िता का दोस्त किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटा, तो उसने तत्काल 112 नंबर पर डायल कर पुलिस को सूचना दी।
हालांकि, जब तक पुलिस बल मौके पर पहुंचती, तब तक आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।
सीसीटीवी में कैद हुए 3 संदिग्ध
पुलिस को जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में 3 संदिग्ध बाइक सवार कैद मिले हैं। फोन पर हुई बातचीत में एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि संदिग्धों की शिनाख्त की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महिला आयोग ने बनाया सख्त रुख
10 दिनों में दो गैंगरेप की घटनाओं से चित्रकूट में भारी गुस्सा है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा चित्रकूट दौरे पर पहुंचीं।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को तलब कर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “नीट छात्रा के साथ हुई यह हैवानियत मानवता को झकझोर देने वाली है। आरोपियों पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।”
पुलिस की कार्रवाई
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण और डीआईजी राजेश एस ने घटनास्थल का मुआयना किया।
DIG राजेश एस खुद चित्रकूट में डेरा डाले हुए हैं और ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए बांदा, चित्रकूट और प्रयागराज पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है।