मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर एक 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला अधिकारी से 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली।
पीड़िता की पहचान मीनाक्षी नाखरे के रूप में हुई है। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर महिला को फोन किया और उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में फंसाने की धमकी दी।
33 दिनों तक चला डिजिटल अरेस्ट
ठगों ने महिला को डराकर विश्वास में लिया और कहा कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है। उन्होंने धमकी दी कि यदि उन्होंने अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इसी डर का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधियों ने उन्हें करीब 33 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा। 10 मई से 23 जून तक महिला कथित रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति में रहीं।
4 FD तुड़वाकर कराई ट्रांसफर
आरोपियों ने महिला से चार फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। पुलिस के मुताबिक करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि चार राज्यों के 10 से ज्यादा शहरों में मौजूद विभिन्न खातों में भेजी गई।
छोटी-छोटी राशियों में ट्रांसफर करके ठगों ने पूरी रकम निकाल ली।
ठगी का एहसास होने पर दर्ज कराई शिकायत
जब महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने ग्वालियर क्राइम ब्रांच थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने साइबर ठगी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस की जांच जारी
ग्वालियर के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि साइबर अपराधियों ने CBI अधिकारी बनकर महिला को डरा-धमकाकर बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराई।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।
कैसे बचें ऐसी ठगी से?
यह मामला एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है। किसी भी अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
अगर कोई CBI, पुलिस या अन्य अधिकारी बनकर फोन करे तो तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। किसी के बहकावे में आकर अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर न करें।