उत्तर प्रदेश के शामली में सामने आए चर्चित धर्मांतरण केस के केंद्र में मौजूद आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने पहली बार अपनी कहानी विस्तार से बताई है। परिवार जहां इसे सुनियोजित ब्रेनवॉश और धर्मांतरण का मामला बता रहा है, वहीं आयुष का दावा है कि उसने किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी समझ के आधार पर इस्लाम को अपनाया।
उसने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में उसका नाम आज भी आयुष मलिक ही है, लेकिन उसने अपने लिए मोहम्मद अली नाम चुना है। दस्तावेजों में अभी भी वह आयुष मलिक ही है।
मोहम्मद अली कैसे बने?
आयुष मलिक ने बताया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उसके मुताबिक इस्लाम की ओर उसका सफर धीरे-धीरे शुरू हुआ और समय के साथ उसका विश्वास मजबूत होता गया।
मोहम्मद अली नाम उसने खुद रखा है। उसका कहना है कि यह नाम उनके लिए एक नई पहचान है, जो उनके नए विश्वास को दर्शाती है।
यूट्यूब पर देखते थे इस्लामिक वीडियो
आयुष ने बताया कि वह लंबे समय से यूट्यूब पर इस्लामिक विषयों से जुड़े वीडियो देखता था। खास तौर पर पाकिस्तान के प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर डॉ. इसरार अहमद के भाषणों का उस पर गहरा असर पड़ा।
वह कई इस्लामिक विद्वानों को सुनता था। उनके भाषणों ने उसे इस्लाम के बारे में जानने और समझने के लिए प्रेरित किया।
‘धर्मांतरण करवाने वाला कोई नहीं’
आयुष ने इस आरोप को पूरी तरह से खारिज किया कि किसी ने उसका धर्म परिवर्तन करवाया। उसके शब्दों में, “वो धर्म परिवर्तन नहीं करवाते थे, धर्म की बात करते थे। यदि कोई सुनकर प्रभावित हो जाए तो उसे धर्म परिवर्तन करवाना नहीं कहा जा सकता।”
उसका दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत किसी मौलवी या धार्मिक संस्था से नहीं हुई। यह पूरी तरह से उसकी अपनी इच्छा और रुचि से हुआ।
‘धर्म परिवर्तन अंदर से होता है’
आयुष ने कहा, “धर्म परिवर्तन कहीं नहीं होता। अंदर से होता है। इसमें किसी मौलवी का काम नहीं होता। यदि सीखने की इच्छा हो तो इंसान खुद सीख सकता है।”
उसके अनुसार, यह कोई बाहरी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि व्यक्ति के भीतर होने वाला एक आंतरिक बदलाव है। जब इंसान के अंदर से कुछ बदलता है, तो वह खुद ही सीखना शुरू कर देता है।
मानसिक तनाव से मिली शांति
आयुष ने अपनी निजी जिंदगी का एक दिलचस्प प्रसंग भी साझा किया। उसने बताया कि एक समय वह मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहा था।
इसी दौरान उसने कुछ धार्मिक बातें सुनीं और उन्हें अपनाने की कोशिश की। उसका दावा है कि इससे उसे मानसिक शांति मिली और उसका डर कम हुआ। इस बदलाव ने उसे इस्लाम धर्म के प्रति गंभीर बना दिया।
चांदनी से कैसे हुई मुलाकात?
आयुष मलिक ने बताया कि उसके कंधे में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके इलाज के लिए वह एक फिजियोथेरेपी सेंटर जाता था। वहीं उसकी मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई, जो फिजियोथेरेपिस्ट थी।
बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आ गए। उसका कहना है कि उसे बाद में पता चला कि चांदनी मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती है।
दोस्ती, फिर जिम, फिर करीबी रिश्ते
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि साल 2022 में फिजियोथेरेपी सेंटर में हुई मुलाकात के बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा।
इसके बाद दोनों ने एक ही जिम जॉइन किया, जहां चांदनी ट्रेनर थी। इसी दौरान दोनों के रिश्ते और करीब आए और उनकी दोस्ती गहरी होती गई।
परिवार का आरोप- ब्रेनवॉश किया गया
हालांकि, परिवार इस पूरी कहानी को अलग नजरिए से देखता है। आयुष के पिता आरोप लगा रहे हैं कि चांदनी कुरैशी और उसके परिवार ने सुनियोजित तरीके से उसका ब्रेनवॉश किया।
परिवार का कहना है कि पहले दोस्ती बढ़ाई गई, फिर उसे इस्लामिक विचारधारा से प्रभावित किया गया और आखिरकार उसका धर्म परिवर्तन कराया गया।
संपत्ति विवाद भी जुड़ा?
परिवार का आरोप है कि इस पूरे मामले के पीछे संपत्ति से जुड़े हित भी हो सकते हैं। आयुष के पिता को शक है कि उसकी संपत्ति हथियाने के लिए ऐसा किया गया है।
अब यह मामला केवल एक व्यक्ति के धर्म बदलने का नहीं रह गया है, बल्कि इसमें धर्मांतरण और संपत्ति विवाद जैसे कई पहलू जुड़ गए हैं।
रहन-सहन में आया बदलाव
परिवार के अनुसार, कुछ साल पहले तक आयुष धार्मिक गतिविधियों में विशेष रुचि नहीं रखता था। पिछले कुछ महीनों में उसके रहन-सहन, पहनावे और धार्मिक व्यवहार में तेजी से बदलाव आया।
परिवार वाले उसके इस बदलाव को सामान्य नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह बदलाव सहज नहीं था, बल्कि किसी के प्रभाव में आकर हुआ है।
आयुष का अपना पक्ष
आयुष ने परिवार के इन आरोपों पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसने बस इतना कहा कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है और न ही किसी के दबाव में उसने यह फैसला लिया है।
उसका कहना है कि अगर वह अपनी मर्जी से इस्लाम अपना सकता है, तो उसे ऐसा करने का पूरा अधिकार है। यह उसकी व्यक्तिगत आस्था का मामला है।
अब आगे क्या?
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अब तक दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं धर्म परिवर्तन के नाम पर कोई फर्जीवाड़ा या संपत्ति हड़पने की साजिश तो नहीं है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस की जांच में क्या निकलकर आता है। फिलहाल मामला कोर्ट में भी जा सकता है। आयुष के फैसले और परिवार के आरोपों के बीच पूरे मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है।