मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद एक शव के साथ कथित लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को नग्न अवस्था में मर्चुरी से बाहर लाया गया और खुले में स्ट्रेचर पर रखकर उसकी सिलाई की गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं अब जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार सोमवार को बजरिया थाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था। शव की पहचान नहीं हो पाने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन इसके बाद जो तस्वीर सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पोस्टमार्टम कक्ष से शव को बाहर निकालकर खुले परिसर में सिलाई की गई। इस दौरान वहां लोगों की आवाजाही भी होती रही। एक अज्ञात शव होने के बावजूद उसकी गरिमा के साथ पूरी प्रक्रिया पूरी करना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
क्या कहते हैं नियम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों के अनुसार पोस्टमार्टम और शव की सिलाई की पूरी प्रक्रिया पोस्टमार्टम कक्ष के भीतर ही डॉक्टरों की निगरानी में की जानी चाहिए। किसी भी हालत में शव को बाहर निकालकर खुले में यह प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए। साथ ही मृतक की गरिमा और सम्मान बनाए रखना भी अनिवार्य होता है।
चाहे शव की पहचान हो या न हो, हर मृतक का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। पोस्टमार्टम के बाद शव को सिलाई करके ढकने और उसे सहेजने की प्रक्रिया का एक तय प्रोटोकॉल होता है। इस मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि उस प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।
वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक शव को स्ट्रेचर पर रखा गया है और वहां मौजूद कर्मचारी उसकी सिलाई कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब खुले में हो रहा है और वहां से लोग बिना किसी रोक-टोक के गुजरते जा रहे हैं।
वीडियो देखने के बाद लोगों ने जमकर आक्रोश जताया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे मानवता पर कलंक बताया है। लोगों का सवाल है कि आखिर एक सरकारी अस्पताल में ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है और इसके जिम्मेदारों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया।
अस्पताल प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अस्पताल प्रशासन पर उठ रहा है कि आखिर पोस्टमार्टम रूम में ही यह प्रक्रिया क्यों नहीं पूरी की गई। क्या वहां उचित व्यवस्था नहीं है? क्या वहां पर्याप्त जगह नहीं है? या फिर यह कर्मचारियों की लापरवाही है?
यह भी सवाल उठ रहा है कि जब यह प्रक्रिया खुले में हो रही थी तो क्या वहां कोई डॉक्टर या सुपरवाइजर मौजूद नहीं था? अगर था तो उसने यह सब होते हुए क्यों नहीं रोका? इन सभी सवालों के जवाब अब अस्पताल प्रशासन को देने होंगे।
अब क्या? जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद से ही प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बन रहा है। लोगों की मांग है कि इस घटना में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए उचित व्यवस्था की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि अस्पताल प्रशासन पर अब कार्रवाई करने का दबाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी भी इस मामले को लेकर संज्ञान ले सकते हैं।
मृतक की गरिमा का सवाल
यह मामला केवल एक घटना भर नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है जहां मृतक की गरिमा को तार-तार किया जा रहा है। चाहे वह अज्ञात शव ही क्यों न हो, उसका भी सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए और पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक की पूरी प्रक्रिया मानवीय गरिमा के साथ की जानी चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और संवेदनशीलता की कितनी कमी है। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में जल्द ही कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।